मोबाइल से नैनो ईयरबड तक... LDC परीक्षा में नकल कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सात सदस्य गिरफ्तार
जनकपुरी पुलिस ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की एलडीसी भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ...और पढ़ें

एलडीसी भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की एलडीसी (लोअर डिवीजन क्लर्क) भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का जनकपुरी थाना पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया कि गिरोह अभ्यर्थियों से 8 से 12 लाख रुपये लेकर उन्हें कस्टमाइज मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और नैनो ईयरबड उपलब्ध कराता था। परीक्षा केंद्र के बाहर बैठा नेटवर्क प्रश्नपत्र मिलने के बाद उत्तर तैयार कर इलेक्ट्रानिक उपकरणों के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाता था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की शुरुआत 26 जुलाई को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की शिकायत से हुई। जनकपुरी स्थित केवीएस, सी-2 परीक्षा केंद्र में एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान जांच में अभ्यर्थी आरती के पास से कस्टमाइज मोबाइल फोन, जबकि हेमंत के पास से ब्लूटूथ डिवाइस, सिम कार्ड और नैनो ईयरबड बरामद हुए थे। इसके बाद जनकपुरी थाने में बीएनएस और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में हेमंत ने बताया कि उसके भाई रिंकू ने वीरेंद्र के माध्यम से 12 लाख रुपये में नकल कराने की व्यवस्था की थी। इसके आधार पर पुलिस ने रिंकू और वीरेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं, आरती ने बताया कि उसके परिचित सन्नी ने 10 लाख रुपये में कस्टमाइज मोबाइल, ब्लूटूथ डिवाइस, सिम कार्ड और नैनो ईयरबड उपलब्ध कराए थे।
आगे की जांच में सन्नी और फिर दीपक की गिरफ्तारी हुई। दीपक ने बताया कि वह पूरे नेटवर्क का संचालन करने वाले सोनू कुमार उर्फ सोनू मान के निर्देश पर काम करता था। इसके बाद पुलिस ने हरियाणा के चरखी दादरी बाईपास से सोनू कुमार उर्फ सोनू मान को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, वह उस समय एक अन्य सरकारी भर्ती परीक्षा में नकल कराने की तैयारी कर रहा था। उसके कब्जे से विदेशी वाट्सएप अकाउंट से जुड़ा टैबलेट, कस्टमाइज मोबाइल फोन, तीन ब्लूटूथ डिवाइस, चार नैनो ईयरबड, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।
खबरें और भी
जांच में सामने आया कि सन्नी दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी इरविन कालेज में लैब अटेंडेंट है और अभ्यर्थियों को गिरोह से जोड़ने का काम करता था। दीपक एजेंट के रूप में उम्मीदवारों की व्यवस्था करता था, जबकि चंडीगढ़ अग्निशमन विभाग में फायरमैन के पद पर तैनात सोनू कुमार उर्फ सोनू मान पूरे नेटवर्क का संचालन करता था।
वह इलेक्ट्रानिक उपकरण उपलब्ध कराने, प्रश्नपत्र प्राप्त करने, उत्तर तैयार कराने और एजेंटों के माध्यम से परीक्षार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था करता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, वित्तीय लेनदेन और विभिन्न राज्यों में भर्ती परीक्षाओं में नकल के अन्य मामलों से इसके संभावित संबंधों की जांच कर रही है।