151 बोरवेल, नया मेट्रो डिपो, ई-वेस्ट पार्क; वर्षों से अटकी परियोजनाओं को मिली LG की मंजूरी से बदलेगी दिल्ली की सूरत
राजधानी दिल्ली में पानी, मेट्रो, कचरा प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी कई बड़ी सरकारी परियोजनाओं को एलजी की समीक्षा के बाद हरी झंडी मिल गई है। इन वर्षों से ...और पढ़ें

दिल्ली में कई साल से अटकीं अनेक बड़ी सरकारी परियोजनाओं का रास्ता साफ हो गया है। एआई इमेज
HighLights
पानी की किल्लत दूर करने को 151 नए बोरवेल
मेट्रो सेवा विस्तार के लिए नया डिपो और यार्ड
ई-वेस्ट पार्क व कचरा प्रबंधन में सुधार होगा
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में पानी की किल्लत दूर करने, मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने, कचरा प्रबंधन को सुधारने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाली अनेक बड़ी सरकारी परियोजनाओं का रास्ता साफ हो गया है। विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल न होने के कारण सालों से लटकी पड़ी इन सार्वजनिक परियोजनाओं को एलजी तरनजीत सिंह संधू की समीक्षा के बाद हरी झंडी दे दी गई है। डीडीए द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए इस जमीन आवंटन का सीधा फायदा राजधानी की आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा।
पानी की किल्लत होगी दूर, सुधरेगा सीवरेज सिस्टम
- जल बोर्ड को विभिन्न इलाकों में जल आपूर्ति सुधारने के लिए 151 नए बोरवेल लगाने की मंजूरी मिल गई है।
- जल बोर्ड को आठ अलग-अलग जगहों पर नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और पंपिंग स्टेशनों के लिए जमीन दी गई है।
- जोंती में एक नया एसटीपी बनेगा और संगम विहार के निवासियों के लिए एक बड़ा भूमिगत पानी का टैंक तैयार किया जाएगा।
बेहतर होगी मेट्रो सेवा और सुगम होगा सफर
- दिल्ली मेट्रो (डीएमआरसी) को सनोथ में एक नए मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए 20 हेक्टेयर जमीन सौंपी गई है।
- नरेला में मेट्रो विस्तार के काम को गति देने के लिए 16 हेक्टेयर जमीन पर कास्टिंग यार्ड बनाया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा।
गली-मोहल्लों में इलाज और गरीबों को सस्ता खाना
- दिल्ली के विभिन्न इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 112 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' को अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया गया है।
- जरूरतमंदों को सस्ता और गुणवत्तापूर्ण भोजन देने के लिए पांच 'अटल कैंटीन' को मंजूरी मिली है। साथ ही द्वारका सेक्टर-19 और मंगलापुरी में आम जनता की सुविधा के लिए नए सामुदायिक भवन बनाए जाएंगे।
कचरे के ढेरों से मिलेगी मुक्ति, साफ होगी दिल्ली
- होलांबी कलां में 8.5 हेक्टेयर जमीन पर दिल्ली का पहला ई-वेस्ट इको मैनेजमेंट पार्क बनेगा, जहाँ इलेक्ट्रॉनिक कचरे का सुरक्षित निपटारा होगा।
- गाजीपुर लैंडफिल साइट पर एमसीडी को 10 एकड़ जमीन सौंपी गई है, साथ ही कचरे से बिजली बनाने और बायो-मीथेनाइजेशन प्लांट के विस्तार के लिए अतिरिक्त 10.4 एकड़ जमीन दी गई है। इसके अलावा, मोहल्लों को साफ रखने के लिए 24 फिक्स्ड काम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन बनाए जाएंगे।
बच्चों को मिलेंगे नए स्कूल और युवाओं को नए काॅलेज कैंपस
- नरेला में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के दो नए कैंपस (22.43 एकड़) और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू) के दो नए कैंपस (12.69 एकड़) बनाए जाएंगे। साथ ही केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय को भी जगह दी गई है।
- ज्वालापुरी में जवाहर नवोदय विद्यालय (4.1 एकड़) के साथ-साथ शालिमार बाग और करावल नगर में भी आम बच्चों के लिए नए सरकारी स्कूल खोले जाएंगे।
आपके इलाके होंगे सुरक्षित
आम जनता की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए दिलकुशा बाग, सागरपुर, सुयूरपुर और किशनगढ़ में नए और आधुनिक पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे। अपराधियों को जल्द सजा दिलाने के लिए नरेला में एक फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और धीरपुर व ताहिरपुर में खुफिया ब्यूरो (आईबी) के स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। रोहिणी और शाहदरा में अदालती कामकाज को गति देने के लिए न्यायिक कर्मचारियों के लिए स्टाफ आवास भी बनाए जाएंगे।