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दिल्ली के मास्टर प्लान में 150 फीट, अतिक्रमण से 40-45 फीट में सिमटी लोनी रोड

Published: Sat, 15 Aug 2026 07:05 PM (IST)

मास्टर प्लान में 150 फीट चौड़ी लोनी रोड अतिक्रमण के कारण 40-45 फीट तक सिमट गई है, जिससे यातायात और ...और पढ़ें

लोनी रोड अतिक्रमण की वजह से कई जगह सिमटकर महज 40 से 45 फीट रह गई है। (AI Generated Image)

लोनी रोड अतिक्रमण की वजह से कई जगह सिमटकर महज 40 से 45 फीट रह गई है। (AI Generated Image)

HighLights

  1. लोनी रोड 150 फीट से 40-45 फीट तक सिमटी।

  2. अतिक्रमण से यातायात जाम, पैदल चलने में बाधा।

  3. हाईकोर्ट ने व्यापारियों की सुनवाई तक कार्रवाई रोकी।

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। मास्टर प्लान में करीब 150 फीट चौड़ी लोनी रोड अतिक्रमण की वजह से कई जगह सिमटकर महज 40 से 45 फीट रह गई है। सड़क के दोनों ओर दुकानें, रेहड़ी-पटरी, अस्थायी ढांचे और अन्य निर्माण होने से वाहनों के लिए उपलब्ध जगह लगातार कम होती गई है। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ रहा है। वाहनों का दबाव बढ़ते ही लोनी रोड के कई हिस्सों में जाम लग जाता है और वाहन चालकों को संकरी सड़क से निकलने में परेशानी होती है।

लोनी रोड शाहदरा जीटी रोड को लोनी, दुर्गापुरी, बलबीर नगर आदि इलाकों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में वाहन इस सड़क से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर हुआ अतिक्रमण यातायात के लिए गंभीर समस्या बन गया है। सड़क किनारे होने वाली पार्किंग और दुकानों के बाहर तक फैला सामान समस्या को और बढ़ा देता है।

कई जगह पैदल यात्रियों के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं बचता

कई जगह पैदल यात्रियों के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं बचता। दिल्ली सरकार ने इसे चौड़ा करने की योजना तो बनाई है लेकिन इसे लेकर अभी तक सर्वे के अलावा कुछ और नहीं हुआ है। पिछले दिनों सरकार ने उन स्थानों को चिह्नित किया था जहां से अतिक्रमण हटाया जाना है। इसमें पुराने नक्शों और सड़क की मौजूदा स्थिति का मिलान कर यह पता लगाया गया कि निर्धारित चौड़ाई बहाल करने के लिए किन हिस्सों में कितनी जगह की आवश्यकता होगी।

सड़क किनारे मौजूद निर्माणों और दुकानों की स्थिति का भी आकलन किया गया। इसके बाद व्यापारियों ने हाईकोर्ट में कार्रवाई रोकने के लिए याचिका दायर की थी। व्यापारियों की याचिका पर कोर्ट ने आदेश दिया है कि बिना व्यापारियों का पक्ष सुने सरकार कोई कार्रवाई न करे।

अतिक्रमण के खिलाफ भी है याचिका, कार्रवाई के इंतजार में याचिकाकर्ता

लोनी रोड में अतिक्रमण और अवैध निर्माण की समस्या को लेकर हाई कोर्ट में अधिवक्ता अखिलेश कुमार दीक्षित की ओर से याचिका दाखिल की गई थी। इसमें सड़क पर अतिक्रमण, अनधिकृत ढांचों, दुकानों, खोखों, रेहड़ी-पटरी और सड़क के हिस्से को प्रभावित कर रहे बिजली के खंभों का मुद्दा उठाया गया था।

याचिका में मास्टर प्लान के अनुरूप सड़क की निर्धारित चौड़ाई बहाल करने की मांग की गई थी। अखिलेश दीक्षित ने बताया कि कहीं दुकानों का सामान सड़क तक फैला है तो कहीं रेहड़ी-पटरी और अस्थायी ढांचे रास्ते को घेर रहे हैं। आवश्यकता है कि सबसे पहले प्रशासन अस्थायी अतिक्रमण हटाए। इसके बाद चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए।

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