दिल्ली में एमसीडी का बड़ा एक्शन: 41 इमारतें ध्वस्त, 61 सील, अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
एमसीडी ने दिल्ली में जर्जर और अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। इस दौरान 41 अवैध निर्माणों को ...और पढ़ें
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निगम की टीमों ने शहर के सभी 12 जोनों में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की।
HighLights
एमसीडी ने 41 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया।
मास्टर प्लान उल्लंघन पर 61 संपत्तियां सील की गईं।
दिल्ली में 1,355 पीजी भवनों का सर्वेक्षण जारी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में जर्जर व असुरक्षित इमारतों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ एमसीडी ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को निगम की टीमों ने शहर के सभी 12 जोनों में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की।
एमसीडी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पूरे दिन 41 स्थानों पर अवैध और असुरक्षित निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जबकि मास्टर प्लान तथा भवन उपविधियों के गंभीर उल्लंघनों के चलते 61 संपत्तियों को सील कर दिया गया।
एमसीडी के एक अधिकारी के अनुसार, इस क्रम में 32 संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और तीन औपचारिक ध्वस्तीकरण आदेश पारित किए गए हैं। अभियान के दौरान पूर्वी जोन के खुरेजी खास, जगतपुरी और लक्ष्मी नगर इलाकों में कई अवैध निर्माण को ढहाया गया। बहुमंजिला निर्माण में अवैध निर्माणों को हथौड़े से तोड़ा गया। इस कार्रवाई में चांदनी चौक के कूचा महाजनी की 54 ज्वैलरी दुकानें भी शामिल है।
टॉयलेट ब्लॉकों को बुलडोजर से तोड़ा गया
वहीं, पश्चिम जोन के पश्चिम पुरी, मादीपुर, सुभाष नगर, उत्तम नगर (सोम बाजार रोड), बक्करवाला रोड और नांगलोई (निहाल विहार) में मंजिलों के स्लैब, रूफ पैनलों और अवैध रूप से निर्मित टॉयलेट ब्लॉकों को बुलडोजर से तोड़ा गया। जिसको लेकर क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति रही। एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस क्रम में मदनपुर खादर में एक भूतल सहित पांच मंजिला अवैध भवन की पांचवीं मंजिल के चार पैनल काटकर इमारत को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया।
1,355 पीजी भवनों का व्यापक सर्वेक्षण
सत्य निकेतन हादसे के बाद पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों की सुरक्षा जांच को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए थे। इसके तहत निगम ने दिल्लीभर में पीजी भवनों का व्यापक सर्वे शुरू किया है। एमसीडी के एक अधिकारी के अनुसार, अब तक 1,355 ऐसे भवनों की पहचान की जा चुकी है जहां लगभग 27 हजार छात्र व युवा रह रहे हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पीजी असुरक्षित या जर्जर इमारत में संचालित न हो।
