दिल्ली: नरेला में MCD सफाईकर्मी की निर्मम हत्या, बाइक से पेट्रोल चोरी रोकने पर बाप-बेटों ने मार डाला
नरेला में बाइक से पेट्रोल चोरी का विरोध करने पर एक एमसीडी कर्मचारी राजेंद्र (50) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पड़ोसी कृष्ण और उसके दो बेटों ने इस वारद ...और पढ़ें

नरेला में बाइक से पेट्रोल चोरी का विरोध करने पर एक एमसीडी कर्मचारी राजेंद्र (50) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। नरेला थाना क्षेत्र में बाइक से पेट्रोल चोरी करने का विरोध करने पर बाप व दो बेटों ने संविदा पर काम करने वाले एक एमसीडी कर्मचारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। नरेला थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर फरार आरोपितों का पता लगा रही है। मृतक की पहचान 50 वर्षीय राजेंद्र के रूप में हुई है। पीड़ित परिवार ने जल्द से जल्द आरोपितों की गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक राजेंद्र अपनी पत्नी कमलेश, तीन बेटे और एक बेटी के साथ नरेला स्थित बांकनेर गांव में रहते थे। नरेला एमसीडी जोन में 26 वर्ष से संविदा पर सफाईकर्मी थे। मृतक के राजेंद्र के बेटे रोहित ने बताया कि 30 मार्च को पड़ोस में जागरण था। जहां कई लोग बाइक से आए थे।
उन्होंने बाइक उनके घर सामने खड़ी कर दी थी। तभी घर के सामने ही रहने कृष्ण और उनके दो बेटे हनी और गोलू आए और बाइक से तेल चोरी करने लगे। उन्होंने तेल चोरी करने से उन्हें मना किया। तभी वे सभी बाइक में आग लगाने की बात करने लगे। रोहित का आरोप है कि विरोध करने पर वे सभी हमारे घर में घुस गए।
डंडो से पिता, माता, भाई और उनके बहन पर हमला कर दिया। इस दौरान वे सभी पिता को घर से बाहर लाकर डंडों से पिटाई करने लगे। अधमरा होने के बाद सभी फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पिता, माता, बहन और भाई को राजा हरिश्चंद्र लेकर गए। जहां इलाज के बाद माता, भाई और बहन को छुट्टी दे दी गई। वहीं, 31 मार्च को पिता की हालत बिगड़ने पर उन्हें लोक नायक अस्पताल के लिए रेफल कर दिया। जहां इलाज के दौरान आठ अप्रैल को उन्होंने दम तोड़ दिया।
खबरें और भी
मौत की खबर मिलते ही सभी आरोपित हो गए फरार
रोहित का कहना है कि मारपीट के कुछ दिनों बाद तीनों आरोपित पिता कृष्ण और बेटे हनी और गोलू अपने घर आकर रहने लगे थे। पिता की मौत की खबर मिलते ही सभी घर से फरार हो गए। पुलिस ने मारपीट की धाराओं के साथ अब हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपितों का पता लगा रही है।
पिता की नौकरी होने वाली थी स्थाई
रोहित ने बताया कि 26 वर्ष से एमसीडी में सफाईकर्मी के पद पर तैनात पिता की नौकरी स्थाई होने वाली थी। इससे पहले ही आरोपितों ने उनकी जान ले ली। परिवार में पिता का काफी सपोर्ट था। अब उनके जाने के बाद परिवार में मातम का माहौल है। माता कमलेश का रो-रोकर बुरा हाल है।