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    दिल्ली का सरकार पहला 'मेट्रो मंडे', PM की अपील पर Metro से गईं CM रेखा गुप्ता, मंत्री-सांसद ने भी छोड़ी गाड़ियां

    Updated: Mon, 18 May 2026 02:35 PM (IST)

    दिल्ली सरकार के 'मंडे मेट्रो' अभियान का मिला-जुला असर दिखा, जहां मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने मेट्रो का इस्तेमाल किया। हालांकि, राजीव चौक जैसे बड़े स्ट ...और पढ़ें

    HighLights

    1. मंडे मेट्रो अभियान का मिला-जुला असर, बड़े स्टेशनों पर भीड़

    2. मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी मेट्रो से दफ्तर पहुंचे

    3. वीवीआईपी मूवमेंट से सुरक्षा पर सवाल, सड़कों पर जाम

    जागरण संवाददाात, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार और डीएमआरसी के 'मंडे मेट्रो' अभियान का सोमवार सुबह मिला-जुला असर देखने को मिला। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कई मंत्री, सांसद और अधिकारी मेट्रो से दफ्तर पहुंचे, लेकिन पीक ऑवर में राजीव चौक, हौज खास और मंडी हाउस जैसे बड़े इंटरचेंज स्टेशनों पर भीड़ सामान्य दिनों जैसी ही बनी रही।

    कुछ कॉरिडोर पर दबाव दिखा, जबकि कई रूटों पर यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम नजर आई। सड़क यातायात में भी सरकार की अपील का सीमित असर दिखा और कई मार्गों पर भी जाम लगा रहा।

    metro rekha gupta

    क्या शुरू किया गया है ‘मंडे मेट्रो’ अभियान

    ईंधन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने 'मंडे मेट्रो' अभियान के जरिए मंत्रियों, अधिकारियों और आम लोगों से सप्ताह की शुरुआत सार्वजनिक परिवहन, खासकर मेट्रो, से करने की अपील की थी।

    इसका मकसद सड़क ट्रैफिक और प्रदूषण कम करना बताया गया। अभियान के तहत सरकार ने नेताओं और अधिकारियों को भी मेट्रो से दफ्तर जाने के लिए प्रेरित किया।

    govindpuri metro station 11 am

    मंत्री और अधिकारी मेट्रो से पहुंचे दफ्तर

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आईटीओ मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलती नजर आईं। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने INA से सिविल लाइंस तक मेट्रो से सफर किया और आगे ई-रिक्शा से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। कार्यक्रम के बाद वे फिर सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन से आईटीओ पहुंचे और वहां से शटल बस लेकर दिल्ली सचिवालय गए।

    metro ashish sood

    मंत्री कपिल मिश्रा ने वीडियो जारी कर बताया कि उन्होंने मेट्रो और मेट्रो फीडर बस का इस्तेमाल कर दफ्तर तक सफर किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में मंत्री और अधिकारी मेट्रो का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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    इसी अभियान के तहत सांसद मनोज तिवारी और एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत चहल भी मेट्रो में सफर करते दिखाई दिए।

    hauj khas metro station 11 am 1

    राजीव चौक, मंडी हाउस और हौज खास पर भीड़ बरकरार

    सुबह के पीक ऑवर में बड़े इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों की भारी आवाजाही बनी रही। मंडी हाउस स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ नजर आई, जबकि राजीव चौक स्टेशन पर लोगों को ट्रेन में चढ़ने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।

    येलो लाइन और मैजेंटा लाइन के इंटरचेंज हौज खास स्टेशन पर भी सुबह के समय खासी भीड़ रही। प्लेटफॉर्म से लेकर ट्रेन के भीतर तक यात्रियों का दबाव सामान्य दिनों जैसा ही दिखा।

    metro mandi house

    येलो लाइन पर दबाव, मैजेंटा लाइन पर कम यात्री

    मेट्रो के अलग-अलग कॉरिडोर पर अलग तस्वीर दिखी। येलो लाइन पर रोजाना की तरह भीड़ बनी रही, जबकि मैजेंटा लाइन पर अपेक्षाकृत कम यात्री नजर आए।

    फरीदाबाद से नोएडा और दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के रूट पर सुबह 10:30 से 11 बजे के बीच ट्रेनें सामान्य दिनों के मुकाबले कम भरी हुई दिखीं। कालकाजी मंदिर इंटरचेंज पर भी रोजाना की तुलना में कम भीड़ रही।

    metro rajiv chowk

    माना जा रहा है कि NCR की कुछ कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देने का असर भी मेट्रो फुटफॉल पर पड़ा।

    गुरुग्राम-नोएडा रूट पर मिला-जुला असर

    गुरुग्राम और नोएडा की ओर जाने वाले रूटों पर भी मिश्रित स्थिति दिखी। नोएडा और फरीदाबाद से जुड़े हिस्सों में कुछ स्टेशनों पर दबाव कम रहा, जबकि दिल्ली के सरकारी दफ्तरों वाले रूटों पर यात्रियों की संख्या सामान्य बनी रही।

    rajeev chowk

    वीवीआईपी मूवमेंट से बढ़ी हलचल

    अभियान के बीच वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। कई स्टेशनों पर नेताओं और अधिकारियों की सुरक्षा के चलते अतिरिक्त हलचल दिखाई दी।

    चर्चा रही कि बड़े सुरक्षा घेरे और काफिलों के साथ वीवीआईपी के स्टेशन पहुंचने से कुछ समय के लिए यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। ऐसे में यह सवाल भी उठा कि अगर मेट्रो से ट्रैफिक कम करने के अभियान के दौरान वीवीआईपी मूवमेंट भारी सुरक्षा तामझाम के साथ होगा, तो उसका उल्टा असर भीड़ और यात्री सुविधा पर पड़ सकता है।

    सड़कों पर नहीं दिखी खास राहत

    सरकार की अपील के बावजूद सोमवार सुबह सड़कों पर खास राहत नजर नहीं आई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर अक्षरधाम के पास लंबा जाम लगा रहा। कई प्रमुख मार्गों पर रोजाना जैसा ट्रैफिक दबाव बना रहा।

    ashardham

    इससे साफ हुआ कि मंडे मेट्रो अभियान का असर फिलहाल सीमित और आंशिक ही नजर आया, हालांकि सरकार और डीएमआरसी शाम तक इसके विस्तृत आंकड़े जारी कर सकते हैं।

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