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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

4 साल की बच्ची ने स्कूल में एडमिशन के लिए खटखटाया दिल्ली HC का दरवाजा, जानें क्या है पूरा मामला

By Ritika Mishra Edited By: Sonu Suman
Updated: Fri, 02 Feb 2024 06:24 PM (IST)

दिल्ली की चार वर्ष की बच्ची आयशा ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के मुताबिक बच्ची का नाम सामान्य श्रेणी के तहत प्रेजेंटेशन का ...और पढ़ें

4 साल की बच्ची ने स्कूल में एडमिशन के लिए खटखटाया दिल्ली HC का दरवाजा।
4 साल की बच्ची ने स्कूल में एडमिशन के लिए खटखटाया दिल्ली HC का दरवाजा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। निजी स्कूल में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में प्री-प्राइमरी में चयन के बावजूद प्रवेश से इनकार करने पर चार वर्ष की बच्ची आयशा ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। बच्ची ने अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के माध्यम से याचिका दायर की है। मामले पर पांच फरवरी को सुनवाई हो सकती है।

अधिवक्ता के मुताबिक बच्ची का नाम सामान्य श्रेणी के तहत प्रेजेंटेशन कान्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्री-प्राइमरी कक्षा में दाखिले के लिए चयनित हुआ था, लेकिन दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान स्कूल ने इस आधार पर दाखिला देने से मना कर दिया कि बच्ची के अभिभावक ने जन्म के तीन वर्ष बाद जन्म प्रमाण पत्र के लिए पंजीकरण कराया है।

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स्कूल के रवैये को मनमाना और बेतुका बताया

बच्ची का जन्म 28 अप्रैल 2019 को हुआ था और उसने 28 जुलाई 2022 को जन्म प्रमाण पत्र के लिए पंजीकरण कराया है। अधिवक्ता ने कहा कि स्कूल की ओर से बच्ची को प्रवेश को अस्वीकार करने का आधार पूरी तरह से मनमाना, अवैध, भेदभावपूर्ण, कानून के खिलाफ और बेतुका है।

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