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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chinese Manjha: बेजुबान पक्षियों की जान पर भी भारी चाइनीज मांझा, रोजाना घायल होने वालों की संख्या जानकर रह जाएंगे दंग

    By Vinay Kumar TiwariEdited By:
    Updated: Fri, 12 Aug 2022 06:56 PM (IST)

    Chinese Manjha चांदनी चौक स्थित पक्षियों के धर्मार्थ चिकित्सालय में रोजाना 70 से अधिक मांझे से घायल पक्षी आ रहे हैं। चार दिन में बढ़ी मांझे से घायल पक ...और पढ़ें

    Chinese Manjha: अब तक 350 से अधिक उपचार के लिए पहुंचे हैं पक्षी
    Chinese Manjha: अब तक 350 से अधिक उपचार के लिए पहुंचे हैं पक्षी

    नई दिल्ली [आशीष सिंह]। Chinese Manjha: स्वतंत्रता दिवस को कुछ दिन शेष हैं। आसमान में रंग-बिरंगी पंतगें उड़ना शुरू हो गई हैं। पतंगबाजी का शौक रखने वालों की लापरवाही इंसानों के साथ बेजुबान पक्षियों की जान पर भारी पड़ रही है। आसमान में परवाज भरने वाले परिंदों की जिंदगी की डोर यह खतरनाक मांझा काट रहा है। जिससे लोगों की चंद मिनटों की खुशी बेजुबानों के पंख काट रही है। जिससे वे उड़ने से भी मोहताज हो रहे हैं। इन दिनों लोग जमकर पतंगबाजी कर रहे हैं। लेकिन, इन पक्षियों की जान से खिलवाड़ भी कर रहे हैं।

    चांदनी चौक (Chandni Chowk)के दिगंबर जैन लाल मंदिर में स्थित पक्षियों का धर्मार्थ चिकित्सालय में मांझे(Chinese Manjha) की चपेट में आने से रोजाना 70 से अधिक घायल पक्षी भर्ती हो रहे हैं। जिनका इलाज चिकित्सालय में चल रहा है। अस्पताल में चार दिन के भीतर मांझे से घायल 350 से पक्षी भर्ती हुए हैं। जिसमें कबूतर, चील, तोते, कौवा भर्ती हैं। घायल पक्षियों में कबूतरों की संख्या अधिक है।

    घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कुछ पक्षियों (Injured Birds Hospital)के पांव तो कुछ के पंख तक काटने पड़ रहे हैं। इन घायल पक्षियों का इलाज कर रहे डा रामेश्वर यादव ने बताया कि लोग दूर-दूर इलाकों से घायल पक्षियों को ला रहे हैं। कई पक्षियों की हालत इतनी खराब है कि जिसमें से कुछ उड़ भी नहीं पा रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि मांझा कई बार पेड़, बिजली के पोल में अटक जाता है। जिससे यह मासूम पक्षी उनमें उलझ कर घायल हो जाते हैं। कई घायल पक्षियों पर तो किसी की नजर भी नहीं जाती, जिससे उनकी जिंदगी की डोर कट जाती है। चिकित्सालय के आनरी मैनेजर अतिशय जैन ने कहा कि पतंगबाजी में इस्तेमाल में लाया जा रहा मांझा पक्षियों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।

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    लोगों को बेजुबान पक्षियों का भी ख्याल रखना बेहद आवश्यक है। हमारी खुशी में किसी पक्षी को नुकसान न हो इसके बारे में सोचना चाहिए। शास्त्री नगर से घायल अस्था में कबूतर को इलाज के लिए लाई प्रीति ने बताया कि उनके घर की छत पर मांझे से उलझा कबूतर मिला था।

    वह कहती हैं शायद रात में यह छत पर आकर गिरा था। इसका मांझे से एक पंख कट गया है, जिससे यह उड़ नहीं पा रहा है। इसलिए इसे अस्पताल में इलाज करने के लिए लाए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को इन बेजुबान पक्षियों का भी ध्यान रखना चाहिए।