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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi Pollution: ICU में सांसें गिन रहा है दिल्ली का AQI, 'गंभीर श्रेणी' में पहुंची हवा की गुणवत्ता

    By Jagran NewsEdited By: Nitin Yadav
    Updated: Tue, 14 Nov 2023 11:55 AM (IST)

    दिवाली की रात दिल्ली और आसपास के इलाके में हुई आतिशबाजी से राजधानी के कई इलाकों हवा की गुणवत्ता गंभीर प्लस कैटेगरी में पहुंच गई जिससे 24 घंटे बाद भी द ...और पढ़ें

    'गंभीर श्रेणी' में पहुंची हवा की गुणवत्ता। (फाइल फोटो)
    'गंभीर श्रेणी' में पहुंची हवा की गुणवत्ता। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. गैस चैंबर में बदली राजधानी
    2. दमघोंटू हवा में सांस लेना हुआ मुश्किल

    एएनआई, नई दिल्ली।Delhi Air Pollution: दिवाली की रात दिल्ली और आसपास के इलाके में हुई आतिशबाजी से राजधानी के कई इलाकों हवा की गुणवत्ता गंभीर प्लस कैटेगरी में पहुंच गई, जिससे 24 घंटे बाद भी दिल्लीवासियों को राहत नहीं मिली है।

    मंगलवार सुबह भी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आसमान में धुंध की मोटी चादर छाई रही, जिससे लोगों को सांस लेना दूभर हो गया।

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के राष्ट्रीय राजधानी में अभी-भी गंभीर श्रेणी में बना हुआ है।

    सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह छह बजे आईटीओ में वायु गुणवत्ता सूचकांक 430 दर्ज किया गया।

    वहीं, जहांगीरपुरी में एक्यूआई 428 दर्ज किया गया। आरके पुरम 417, जबकि पंजाबी बाग में 410 दर्ज किया गया है।

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    फिर से घातक होने लगा स्मॉग, बढ़े खांसी जुकाम के मरीज

    दीवाली से पहले प्रदूषण की मार झेल रहे गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में वर्षा ने राहत की सांस दी थी, लेकिन प्रतिबंध के बावजूद दीवाली पर दिन-रात पटाखों की धूम-धड़ाम ने एक बार फिर से वातावरण में धुआं भर दिया है। स्माग बढ़ने से गले में खराश, आंखों में खुजली, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या में अचानक फिर से तेजी आई है। प्रदूषण बढ़ने से वायु गुणवत्ता सूचकांक भी तेजी के साथ बढ़ा है।

    हानिकारक है इस तरह की हवा

    पीएम-2.5 की सांद्रता, सूक्ष्म कण जो श्वसन तंत्र में गहराई तक प्रवेश कर सकते हैं और श्वसन समस्याओं को ट्रिगर कर सकते हैं, इन क्षेत्रों में 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से छह से सात गुना अधिक दर्ज की गई।

    दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अनुसार, आधी रात को आनंद विहार के वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन ने पीएम-2.5 की सांद्रता 1,985 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। पिछले साल की तुलना में दीवाली पर पीएम-2.5 और पीएम-10 की सांद्रता क्रमशः 45 प्रतिशत व 33 प्रतिशत बढ़ गई।

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