यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Pollution: 'बेहद खराब' हुई दिल्ली की हवा, AQI 400 के पार; अगले तीन दिनों तक कोई राहत नहीं
दिल्ली की हवा एक बार फिर से बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के करीब पहुंच गया। आनंद विहार में प्रदूषण सबसे ...और पढ़ें

HighLights
- बुधवार और बृहस्पतिवार को बेहद खराब श्रेणी में रह सकती है हवा की गुणवत्ता
- कोहरे के कारण मंगलवार स्मॉग की चाटर ज्यादा मोटी होने की संभावना
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में आठ दिन बाद एक बार फिर सोमवार को हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रही और देर शाम एयर इंडेक्स 400 के करीब पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शाम सात बजे दिल्ली के 37 प्रदूषण निगरानी केंद्रों में से 20 जगहों पर एयर इंडेक्स 400 के पार पहुंच गया। इस वजह से उन इलाकों में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई।
आनंद विहार में प्रदूषण सबसे ज्यादा रही। हवा की गति कम व कोहरे के कारण मंगलवार स्मॉग की चाटर ज्यादा मोटी होने की संभावना है। इस वजह से मंगलवार को दिल्ली का औसत एयर इंडेक्स गंभीर श्रेणी में 400 से अधिक रह सकता है। इसके बाद बुधवार व बृहस्पतिवार को दो दिन हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रह सकती है।

दिल्ली का औसत एयर इंडेक्स 379
सीपीसीबी ने सोमवार को दिल्ली का औसत एयर इंडेक्स 379 बताया। शाम सात बजे एयर इंडेक्स बढ़कर 394 हो गया। आइक्यूएसर ने बताया दिल्ली का एयर इंडेक्स 367 बताया, जो शाम को बढ़कर 392 हो गया। इससे पहले आठ दिसंबर को का एयर इंडेक्स बेहद खराब श्रेणी में 302 था। इसके बाद हवा की गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में रही थी। एक दिन पहले रविवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स खराब श्रेणी में 294 था।
हवा की गुणवत्ता आठ दिन खराब रही
इस माह अब तक छह दिन हवा की गुणवत्ता मध्यम, आठ दिन खराब व दो दिन बेहद खराब श्रेणी में रही है। सीपीसीबी के अनुसार प्रदूषण बढ़ने का कारण यह है कि हवा की गति सिर्फ चार से छह किलोमीटर प्रति घंटे रही। इस वजह से प्रदूषक तत्व वातावरण में ज्यादा ऊपर नहीं उठ पाए। इस वजह से वातावरण में कम ऊंचाई पर प्रदूषक तत्व मौजूद रहे। इस वजह से वातावरण में पीएम-10 का अधिकतम स्तर 322 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गया, जो सामान्य मानक से करीब सवा तीन गुना अधिक है।
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वाहनों से उत्सर्जन और फैक्ट्रियों से अधिक धुएं निकल रहे
वहीं पीएम-2.5 का अधिकम स्तर 194.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गया, जो सामान्य मानक स्तर से करीब तीन गुना ज्यादा है। आइआइटीएम पुणे के डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के अनुसार इन दिनों दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों के उत्सर्जन व फैक्ट्रियों के धुएं की भागीदारी ज्यादा बनी हुई है लेकिन डीएसएस ने सोमवार को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार स्रोतों की भागीदारी का डाटा जारी नहीं किया।
दिल्ली में शाम सात बजे इन इलाकों में अधिक रहा एयर इंडेक्स
- आनंद विहार- 455
- जहांगीपुरी- 442
- पंजाबी बाग- 441
- रोहिणी- 441
- नेहरू नगर- 440
- वजीपुर- 440
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