यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'दिल्ली में कभी भी चुनाव करवा सकती है सरकार', आतिशी ने समझाया- क्यों नहीं है सदन भंग करने की जरूरत
दिल्ली में जल्द चुनाव हो सकते हैं लेकिन क्या विधानसभा भंग करने की ज़रूरत है? दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने इस सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ...और पढ़ें

HighLights
- केजरीवाल ने कहा था सरकार चाहे तो महाराष्ट्र के साथ दिल्ली का चुनाव करा ले
- बीजेपी बोली- केजरीवाल सदन भंग करने की घोषणा करे, इससे भी चुनाव पहले होंगे
- आतिशी ने समझाया कि चुनाव कराने के लिए सदन भंग करने की जरूत नहीं है
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की घोषणा के बाद से राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। दो दिन बाद इस्तीफा देने के एलान के साथ ही केजरीवाल ने यह भी कहा कि सरकार चाहे तो दिल्ली में महाराष्ट्र के साथ ही चुनाव करवा सकती है। वह अगले साल फरवरी तक का इंतजार नहीं करे। वहीं राजधानी में समय पूर्व चुनाव को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई है।
वहीं, केजरीवाल के एलान के बाद बीजेपी के नेता यह कह रहे हैं कि वह सरकार से चुनाव कराने का अनुरोध क्यों कर रहे हैं? सीएम सदन भंग करने की सिफारिश कर दे, इसके बाद भी चुनाव कराया जा सकेगा। वहीं इस सवाल के जवाब में दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी विधानसभा का अगर 6 महीने से कम का कार्यकाल रह जाता है तो केंद्र सरकार और चुनाव आयोग कभी भी चुनाव करवा सकता है। इसके लिए दिल्ली विधानसभा को भंग करने की जरूरत नहीं है।
किसी भी विधानसभा का अगर 6 महीने से कम का कार्यकाल रह जाता है तो केंद्र सरकार और चुनाव आयोग कभी भी चुनाव करवा सकता है।
इसलिए दिल्ली विधानसभा को Dissolve करने की ज़रूरत नहीं है।@AtishiAAP #केजरीवाल_ईमानदार_है pic.twitter.com/B5c7RMgtM5
— AAP (@AamAadmiParty) September 15, 2024
चुनाव कब होंगे, यह चुनाव आयोग तय करेगा: आतिशी
वहीं दिल्ली में चुनाव कब होंगे, इस सवाल पर आतिशी ने कहा कि ये चुनाव आयोग तय करेगा, लेकिन दिल्ली में सरकार एक हफ्ता चले या एक महीना चले, दिल्ली सरकार मुफ्त बिजली, बच्चों को मुफ्त शिक्षा और मुफ्त इलाज देती रहेगी। बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा और महिलाओं को मुफ्त बस सफर की सुविधा भी मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और उनकी जांच एजेंसियों के मुंह पर तमाचा मारा है। कोर्ट ने CBI को केंद्र सरकार के पिंजरे में कैद तोता कहकर उसके द्वारा केजरीवाल जी की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया है।
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