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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi: आत्महत्या करने वाले शख्स का स्पर्म प्राप्त करने की मिली अनुमति, पढ़ें HC के फैसले की बड़ी वजह

    Updated: Tue, 28 Jan 2025 03:23 PM (IST)

    दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में आत्महत्या करने वाले एक व्यक्ति के लिए पोस्टमार्टम स्पर्म रिट्रीवल (पीएमएसआर) प्रक्रिया को मंजूरी दी है। इस आद ...और पढ़ें

    आत्महत्या करने वाले व्यक्ति का स्पर्म दोबारा प्राप्त करने की अनुमति मिली। फाइल फोटो
    आत्महत्या करने वाले व्यक्ति का स्पर्म दोबारा प्राप्त करने की अनुमति मिली। फाइल फोटो

    HighLights

    1. आत्महत्या करने वाले व्यक्ति का स्पर्म दोबारा प्राप्त करने की स्वजन को मिली अनुमति।
    2. परिजन की याचिका पर हाईकोर्ट ने दिया पीएमएसआर प्रक्रिया अपनाने का निर्देश।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में आत्महत्या करने वाले एक व्यक्ति पर पोस्टमार्टम स्पर्म रिट्रीवल (पीएमएसआर) प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने मृतक के माता-पिता और बहन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें व्यक्ति का शुक्राणु दोबारा प्राप्त करने की अनुमति देते हुए उक्त आदेश पारित किया।

    अदालत ने नोट किया कि शीघ्र लागू किए जाने पर ही पीएमएसआर प्रक्रिया के प्रभावी होने के तथ्य को देखते हुए अदालत ने याचिकाकर्ताओं के अनुरोध को स्वीकार कर लिया।

    मृत व्यक्ति के वीर्य को पुनः प्राप्त करने की दी अनुमति 

    याचिका में मांग की गई थी कि मृतक के वीर्य को पीएमएसआर के माध्यम से संरक्षित किया जाए। एक ऐसी प्रक्रिया जो सहायक प्रजनन थेरेपी (एआरटी) में संभावित भविष्य के उपयोग के लिए मृत व्यक्ति के वीर्य को पुनः प्राप्त करने की अनुमति देती है।

    वीर्य का नमूना भारतीय कानून के तहत संपत्ति

    याचिकाकर्ताओं ने गुरविंदर सिंह और अन्य बनाम एनसीटी दिल्ली सरकार और अन्य मामले में समन्वय पीठ के हालिया निर्णय का हवाला दिया। जिसमें यह माना गया था कि वीर्य का नमूना भारतीय कानून के तहत संपत्ति है।

    प्रक्रिया करने की सुविधा नहीं

    याचिका पर नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई आठ जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। हालांकि, अस्पताल की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि उनके पास इस प्रक्रिया करने की सुविधा नहीं है।

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    इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील के अनुरोध पर अदालत ने अस्पताल को निर्देश दिया कि वह याचियों के खर्च पर किसी अन्य अस्पताल के माध्यम से पीएमएसआर प्रक्रिया की व्यवस्था करने का प्रयास करें।

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