विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड: एसएचओ जगत नारायण को झटका, आरोप तय करने के खिलाफ दायर याचिका दिल्ली HC से खारिज

By Vineet TripathiEdited By: Abhishek Tiwari
Updated: Wed, 27 Sep 2023 02:20 PM (IST)

आरोप तय करने के निर्णय को रद करने की मांग वाली जगत नारायण की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि विशेष न्यायाधीश ने तथ्यों व सामग्री को देखते हुए उच ...और पढ़ें

कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड: एसएचओ जगत नारायण को झटका (फाइल फोटो- मनीष गुप्ता)
कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड: एसएचओ जगत नारायण को झटका (फाइल फोटो- मनीष गुप्ता)

 नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। कानुपर के कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड मामले में आरोपित रामगढ़ताल थाना के तत्कालीन प्रभारी जगत नारायण सिंह को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा है।

न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने हत्या, आपराधिक साजिश रचने समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप तय करने के सीबीआइ की विशेष अदालत के निर्णय को बरकरार रखा है।

आरोप तय करने के निर्णय को रद करने की मांग वाली जगत नारायण की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि विशेष न्यायाधीश ने तथ्यों व सामग्री को देखते हुए उचित आदेश पारित किया है।

Also Read-

मनीष गुप्ता हत्याकांड में पत्नी मीनाक्षी ने लगाए नए आरोप, सात पुलिसकर्मियों ने की थी पति की गला दबाकर हत्या

ऐसे में मामले की समग्रता व परिस्थितियों को देखते हुए निचली अदालत के निर्णय में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं बनता है। 27 सितंबर 2021 को कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता अपने दो दोस्तों के साथ गोरखपुर घूमने के लिए आए थे।

तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस में रात में पुलिस ने मनीष व उनके दोस्तों की पिटाई कर दी थी। इससे मनीष की मौत हो गई थी। दूसरे दिन मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने हत्यारोपित निरीक्षक जगत नारायण सिंह सहित छह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया था।

इसकी विवेचना पहले कानपुर एसआइटी ने की। एक माह बाद यह जांच सीबीआइ को दे दी गई। जनवरी 2022 के पहले सप्ताह में सीबीआइ ने विवेचना पूरी कर दिल्ली की विशेष सीबीआइ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।