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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दिल्ली के होटलों में 50 हजार में मिल रहे कमरे, 10 गुना तक बढ़ा किराया; विदेशी प्रतिनिधिमंडल को ठहरने का संकट

    By Edited By: Shyamji Tiwari
    Updated: Sun, 27 Aug 2023 07:51 PM (IST)

    जी-20 शिखर सम्मेलन के कारण दिल्ली के पांच सितारा होटलों ने पांच से 10 गुना तक किराया बढ़ा दिया है। जी 20 समिट में करीब 28 देशों के राष्ट्राध्यक्ष कई अ ...और पढ़ें

    दिल्ली-NCR के होटलों का किराया बढ़ने से विदेशी प्रतिनिधिमंडल को ठहरने का संकट
    दिल्ली-NCR के होटलों का किराया बढ़ने से विदेशी प्रतिनिधिमंडल को ठहरने का संकट

    नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली आ रहे तमाम राष्ट्राध्यक्षों व विदेशी प्रतिनिधिमंडल की भीड़ को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी के पांच सितारा होटलों ने पांच से 10 गुना तक किराया बढ़ा दिया है। इससे उन देशों या संस्थाओं की समस्या बढ़ गई है, जिनका भत्ता कम या सिमित है। उनके ठहरने का संकट खड़ा हो गया है।

    28 देशों के आएंगे राष्ट्राध्यक्ष

    राजधानी में सम्मेलन के लिए संदुरीकरण से लेकर होटलों में व्यवस्था को लेकर तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। आठ से 10 सितंबर के बीच यहां करीब 28 देशों के राष्ट्राध्यक्ष व 14 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के आला अधिकारी अलग अलग होटलों में ठहरेंगे। इसके अंतर्गत दिल्ली एनसीआर के करीब 28 पांच सितारा होटलों में इनके ठहरने के लिए व्यवस्था की गई है।

    पचास हजार में मिल रहा कमरा

    सभी देशों व अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिल्ली-एनसीआर के होटलों और वहां की सुविधा के बारे में जानकारी दे दी है। सभी देशों ने अपने दूतावासों के जरिये इन होटलों में ठहरने के लिए बुकिंग की है। इसमें कई देश व संस्थाएं ऐसी भी हैं जिनके अधिकारियों का एक दिन का अधिकत्तम भत्ता मात्र 20 हजार रुपये ही है, लेकिन किराये में वृद्धि के कारण होटलों का कमरा पचास हजार रुपये में मिल रहा है। इससे उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं।

    इंडोनेशिया के कूटनीतिक सूूत्रों ने बताया कि उनके यहां अधिकारियों के लिए 20 हजार रुपये एक दिन का अधिकत्तम भत्ता है। लेकिन, यहां पचास हजार का एक कमरा मिल रहा है। ऐसे में अगर उनके दो अधिकारी भी एक कमरे में रहें तो भी उनका काम नहीं चलेगा। उनका कहना है कि 20 हजार रुपये तो उनके कमरे के किराये में चला जाएगा। बाकी उनके खाने पीने की व्यवस्था कैसे होगी। इसी तरह से आइएमएफ, विश्व बैंक, डब्ल्यूएचओ, आर्गेनाइजेशन फार इकोनमिक को-आपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) समेत कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के आला अधिकारी हैं, जिनका भत्ता सिमित है।

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    तय भत्ते में कमरा मिलना मुश्किल

    उन्हें भी उस भत्ते के अनुसार किसी पांच सितारा होटल में कमरा नहीं मिल रहा है। इस समस्या के समाधान को लेकर सरकार की ओर से उनको एनसीआर के छोटे होटलों के बारे में बताया गया है। वहां पर जब संबंधित दूतावास या संस्थान के अधिकारियों ने संपर्क किया तो बताया कि उन्हें विदेश करेंसी में किराया लेने की व्यवस्था नहीं है। उनकी कार्यक्रम स्थल से दूरी भी ज्यादा है।

    जी-20 के तमाम सदस्य देशों व आमंत्रित संस्थाओं की प्राथमिकता नई दिल्ली क्षेत्र है। सरकार की तरफ से जिन होटलों को चिह्नित किया है वह नई दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, एयरोसिटी व गुरुग्राम में हैं। अचानक किराया बढ़ाने के मसले पर कोई होटल आधिकारिक तौर पर बोलने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि हम अंतर्राष्ट्रीय मानकों के तहत काम कर रहे हैं और तमाम संसाधन बढ़ाए गए हैं। इससे किराया बढ़ाना स्वाभाविक है। बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में 54 व दिल्ली में करीब 30 पांच सितारा होटल हैं।