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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi NCR में आसमान से आफत की बरसात, कहीं गिरा मकान तो कहीं बच्चों की डूबकर मौत; फसलें भी हुईं तबाह

    By Jagran NewsEdited By: JP Yadav
    Updated: Mon, 10 Oct 2022 08:30 AM (IST)

    दिल्ली-एनसीआर में भी असमय और ज्यादा वर्षा होने पर धान व गन्ने की फसल को नुकसान होने की संभावना बनी रहती है। पिछले चार दिन शुरू हुई झमाझम वर्षा की वजह ...और पढ़ें

    बारिश के चलते फसलों को हुआ नुकसान। फाइल फोटो
    बारिश के चलते फसलों को हुआ नुकसान। फाइल फोटो

    नई दिल्ली/ हापुड़ / गढ़मुक्तेश्वर, जागरण संवाददाता। लगातार तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। दिल्ली में जहां मकान गिर गया तो वहीं गुरुग्राम में निर्माणाधीन साइड पर बने गड्ढे में डूबकर आधा दर्जन बच्चों की मौत हो गई। 

    धान की फसल को नुकसान

    उधर, बारिश के चलते दिल्ली-एनसीआर के किसानों की हालत पस्त हो गई है। बारिश के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल बिछ गई, जिससे किसानों का खासा नुकसान होने का अनुमान है। 

    बिन मौसम हुई मूसलाधार वर्षा चौथे दिन सोमवार को भी किसानों के लिए आफत बनी। तेज हवा के साथ हो रही वर्षा से गन्ने की फसल ढह गई। खेतों में पकी खड़ी और कटी पड़ी धान की फसल में भी भारी नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी ओर वर्षा का पानी सड़कों पर भर गया। जिसके चलते आवागमन प्रभावित रहा।

    लगातार बढ़ रही किसानों की चिंता

    चौथे दिन सुबह से ही रुक-रुककर वर्षा हो रही है। वर्षा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं चौथे दिन भी वर्षा होने से धान मंडी में धान की बिक्री शुरू नहीं हो सकी है, जबकि व्यापारियों सहित किसानों को करीब 20 करोड़ से अधिक का नुकसान हो गया है।

    खेतों में भरा है पानी

    एक अक्टूबर से सर्दी का मौसम शुरू हो जाता है, जिससे मौसम में भी परिवर्तन होना शुरू हो जाता है। ऐसे में किसानों को वर्षा की जरूरत बहुत कम होती है।

    बारिश से धान के काला पढ़ने के आसार

    सोमवार की सुबह से हुई वर्षा रुक-रुककर होती रही। जिसके चलते सड़कों पर पानी भर गया। नगर के शहीद चौक के अलावा, तहसील मार्ग, मीरा रेती मार्ग, स्याना मार्ग पर पानी भर गया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं वर्षा से धान व गन्ने की फसल ढह गई। सबसे ज्यादा नुकसान खेतों में कटी पड़ी धान की फसल में हुआ है। बारिश के बाद अब कई दिन कटी धान की फसल गीली होने के कारण खेतों से उठ नहीं पाएगी। जिससे धान का दाना काला भी पड़ने की संभावनाएं बन गई हैं। फसल को लेकर किसान चिंता में हैं।

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    वर्षा से गुल हुई बिजली लोग परेशान

    वर्षा के साथ ही तहसील क्षेत्र में बिजली गुल हो गई। कई गांवों में आठ से 10 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहा। नगर में रात भर की बिजली की आंख मिचौली जारी रही। बिजली नहीं रहने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई।

    बिजली कटौती भी बनी मुसीबत

    लोगों ने बताया कि रविवार दिन के बाद रात को भी बिजली की कटौती हुई। कटौती सोमवार सुबह तक रहीं। जिसके कारण गढ़ नगर के अलावा, लोदीपुर, ढाना, बक्सर, सिंभावली, झड़ीना, हराेड़ा, बहादुरगढ़ आदि क्षेत्र में बिजली कटौती की गई। बताया जाता है कि हवा के कारण कई स्थानों पर पेड़ की टहनी टूटकर बिजली तार पर गिरने से बिजली तार टूट गया था। बिजली नहीं रहने से अधिकांश घरों का इनवर्टर डिस्चार्ज हो गया।

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