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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भारत का मान बढ़ाएगा यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, IICC के उद्घाटन के 2 दिन में हुई एक तिहाई आयोजनों की बुकिंग

    By Nimish HemantEdited By: Nitin Yadav
    Updated: Wed, 20 Sep 2023 08:31 AM (IST)

    रविवार पीएम मोदी ने जिस इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (आइआइसीसी) का उद्घाटन किया है। उसमें आयोजनों की एक तिहाई बुकिंग दो दिन में ही हो गई ...और पढ़ें

    IICC के उद्घाटन के 2 दिन में हुई एक तिहाई आयोजनों की बुकिंग।
    IICC के उद्घाटन के 2 दिन में हुई एक तिहाई आयोजनों की बुकिंग।

    HighLights

    1. IICC में साल 2025 तक के लिए 100 से अधिक बैठकों और प्रदर्शनियों की बुकिंग
    2. दक्षिण कोरिया की कंपनी के पास है IICC के संचालन का जिम्मा

    नई दिल्ली, नेमिष हेमंत। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस चीज में हाथ लगा दें वह सोना बन जाती है। हालिया उदाहरण के तौर पर देखें तो उन्होंने रविवार को जिस इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (आइआइसीसी) का उद्घाटन किया है। उसमें आयोजनों की एक तिहाई बुकिंग दो दिन में ही हो गई।

    प्रबंधकों का मानना है कि आने वाले कुछ माह में दो सालों की पूरी बुकिंग हो सकती है। फिलहाल, इस सेंटर में दो साल में 300 के करीब बड़े आयोजन हो सकते हैं।

    विशेष बात कि अभी तक हुई बुकिंग में 70 प्रतिशत से अधिक आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। फिलहाल जो बुकिंग हुई है, उसमें स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, पर्यटन व यात्रा, मनोरंजन, सेवा क्षेत्र व डिजिटल नवाचार जैसे क्षेत्र में प्रदर्शनी या सेमिनार है।

    दक्षिण कोरिया की कंपनी के पास है IICC के संचालन का जिम्मा

    इस सेंटर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों को लाने पर सरकार का विशेष जाेर है। इसलिए इसके संचालन का जिम्मा दक्षिण कोरिया की विश्व की बड़ी आयोजक कंपनी काइनेक्सीन को दिया है। यह करार 20 वर्षों के लिए हुआ है, इसके बदले यह राजस्व में 33 प्रतिशत साझा करेगी।

    इस कंपनी से जुड़े लोगों के अनुसार औपचारिक करार की शुरुआत एक अक्टूबर से होगी। उसके बाद उनका काम और आक्रामक होगा। कोशिश है कि प्रदर्शनी, समारोह व सेमिनार के मामले में यह सेंटर जर्मनी, काेरिया, रूस, चीन, जापान, अमेरिका, सऊदी अरब जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय देशों में शुमार हो। इससे न सिर्फ देश के उद्योग व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन व सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

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    इसलिए इस सेंटर का निर्माण ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के क्षेत्र में देश की भागीदारी बढ़ाने को ध्यान में रखकर ही किया गया है। मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर आयोजनों में भागीदारी करीब एक प्रतिशत ही है, जिसका उल्लेख प्रधानमंत्री ने अपने उद्घाटन भाषण में भी किया है।

    तकरीबन 5,400 करोड़ रुपये की लागत से आइआइसीसी का पहले फेज तैयार हुआ है, जो दुनिया के सबसे बड़े सम्मेलन और प्रदर्शनी सुविधा स्थलों में से एक है।

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    मामले के जानकारों के अनुसार प्रारंभिक वर्षों में समारोह आयोजकों द्वारा बुकिंग कराई जाएगी। बाद में, भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (आइटीपीओ) द्वारा प्रगति मैदान में हर वर्ष आयोजित होने वाले विश्व व्यापार मेला तथा ग्रेटर नोएडा में होने वाले आटो एक्सपो की तर्ज पर यहां भी स्वयं से समारोह आयोजित कर उसमेें प्रतिभागियों को आमंत्रित किया जाएगा।

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    अंतरराष्ट्रीय स्तर की होंगी सुविधाएं 

    इस सेंटर में सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की है। एक साथ हजारों लोगों को संभाला जा सकता है। सामानों को लाने ले जाने तथा लोगों के प्रवेश के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। ब्रह्म कमल नाम के कन्वेंशन सेंटर में एक साथ छह हजार लोगों के बैठने की सुविधा है। खासबात कि इसमें से 2700 सीटें जमीन के अंदर जा सकती है और यह प्रदर्शनी हाल में बदल सकता है।

    IICC Delhi

    इसी तरह 60 से 800 लोगों की क्षमता वाले अलग-अलग 15 कन्वेंशन सेंटर हैं। हर सेंटर में द्विभाषिए के लिए अलग से कक्ष रखा गया है। इसी तरह दो विशाल प्रदर्शनी हाल के साथ ही एक फोयर है। विशेष बात कि ये प्रदर्शनी हाल भी आठ अलग-अलग छोटे हाल में बांटे जा सकते हैं। इसमें इस तरह के अग्निरोधी पर्दे लगाए गए हैं जो आग लगने की स्थिति में धुंआ और आग को एक ही क्षेत्र में रोक सकते हैं।

    आपदा से बचाव के इंतजाम

    इसी तरह इस सेंटर में भूकंप व आग जैसे आपदा की स्थिति में बचाव के लिए प्रदर्शनी स्थल के नीचे से टनल निकाला गया है, जहां आपदा की स्थिति में लोगों को ले जाया जा सकता है।

    बनेंगे आठ होटल व माल

    इस सेंटर में आठ होटलों का भी निर्माण होगा ताकि यहां प्रदर्शनी या आयोजनों में भाग लेने आने वाले लोगों को ठहरने के लिए दूर न जाना पड़े। यह सेंटर मेट्रो व सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा हुआ है।

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