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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दिल्ली वालों के लिए गुड न्यूज, अब गड्ढा मुक्त होंगी राजधानी की सड़कें; PWD ने तैयार किया मास्टर प्लान

    Updated: Wed, 05 Mar 2025 03:24 PM (GMT+05:30)

    अब दिल्ली की सड़कों पर चलना सुगम होगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 30 अप्रैल तक 7000 गड्ढों को भरने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा 20 लाख वर्ग मी ...और पढ़ें

    पीडब्ल्यूडी 30 अप्रैल तक अपने अधिकार क्षेत्र में आने वालीं सड़कों के 7,000 गड्ढे भरेगा। जागरण फोटो
    पीडब्ल्यूडी 30 अप्रैल तक अपने अधिकार क्षेत्र में आने वालीं सड़कों के 7,000 गड्ढे भरेगा। जागरण फोटो

    HighLights

    1. लोक निर्माण विभाग 30 अप्रैल तक भरेगा दिल्ली की सड़कों पर 7,000 गड्ढे।
    2. दिल्ली-रोहतक रोड एनएचएआई को सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
    3. एनएचएआई को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) 30 अप्रैल तक अपने अधिकार क्षेत्र में आने वालीं सड़कों के 7,000 गड्ढे भरेगा। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में निर्देश जारी किया है।

    गत 21 फरवरी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली मंत्रिपरिषद के समक्ष इस बारे में एक प्रेजेंटेशन भी दिया गया था। इस प्रेजेंटेशन में विभिन्न निविदाओं को आमंत्रित करने और काम शुरू करने के लिए कुछ समय सीमाएं निर्धारित की गई थीं, इसलिए सभी संबंधित अधिकारियों को इन समयसीमाओं का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

    30 अप्रैल निर्धारित किया गया लक्ष्य

    विभाग के अधिकारी ने कहा कि रखरखाव वैन का उपयोग करके गड्ढे भरे जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत की आवश्यकता वाले 20 लाख वर्ग मीटर सड़क पैच की पहचान की है। इन मरम्मतों के लिए निविदा प्रक्रिया 15 मार्च तक पूरी होने की उम्मीद है, साथ ही पूरा होने का लक्ष्य 30 अप्रैल निर्धारित किया गया है। 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में सड़कों की कथित खराब स्थिति एक बड़ा मुद्दा थी।

    दिल्ली-रोहतक रोड एनएचएआई को सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी

    दिल्ली की सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री प्रवेश वर्मा ने पीरागढ़ी चौक से टिकरी बार्डर तक 13.23 किमी लंबे दिल्ली-रोहतक रोड (एनएच-10) को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

    इस महत्वपूर्ण फैसले को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सैद्धांतिक रूप से सहमति दे चुके हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग को हाईवे में बदलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वर्तमान में दिल्ली सरकार के हिस्से वाली इस सड़क ही हालत कई जगहों पर बेहद खराब है।

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    पीडब्ल्यूडी मंत्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर एनएचएआई को सौंपने के लिए आगे बढ़ा दिया है। इस पहल का उद्देश्य इस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग मानकों के अनुरूप विकसित करना है। जिससे यातायात सुगम बने, सड़क की स्थिति में सुधार हो और दिल्ली-हरियाणा के बीच यात्रा अधिक सुगम हो।

    पीडब्ल्यूडी मंत्री वर्मा ने क्या कहा?

    पीडब्ल्यूडी मंत्री वर्मा ने कहा कि यह कदम मोदी सरकार के विभिन्न राज्यों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने और निर्बाध यात्रा एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की सैद्धांतिक सहमति के साथ इस योजना को आगे बढ़ाने से जनता को लाभ मिलेगा।

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    डबल इंजन की सरकार यातायात को सुगम बनाने, संपर्क को बेहतर करने और विश्वस्तरीय सड़क अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली से विभिन्न राज्यों को जोड़ने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों की पहचान कर उन्हें एनएचएआइ को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

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