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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Election 2025: रमेश बिधूड़ी ही अकेले नहीं, चुनाव में विवादित बयानों से नेताओं का गहरा नाता; इनके भी बिगड़ चुके बोल

Updated: Tue, 07 Jan 2025 08:45 AM (IST)

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में नेताओं के विवादित बयान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी ने प्रियंका गांधी और आतिशी पर आपत्तिजनक टि ...और पढ़ें

कालकाजी से भाजपा प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी। फोटो- जागरण ग्राफिक्स
कालकाजी से भाजपा प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी। फोटो- जागरण ग्राफिक्स

HighLights

  1. निगम से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनावों में विवादित बयानों से वोटरों को रिझाने की होती है कोशिश
  2. जनसभाओं और नुक्कड़ सभाओं में समर्थकों की वाह-वाही के लिए फिसल जाती है नेताओं की जुबान

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। चुनावों में नेताओं के बिगड़े बोल राजनीतिक पारे को बढ़ा देते हैं। ऐसा नहीं है कि एक या दो चुनाव में ऐसा होता हो। नगर निगम से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव और नेताओं के विवादित बयान के बीच गहरा नाता रहता है। सिर्फ एक राजनीतिक दल इसमें शामिल नहीं है बल्कि हर राजनीतिक दल के नेता इसमें शामिल हैं।

रमेश बिधूड़ी ने प्रियंका गांधी और आतिशी पर की टिप्पणी

सीएम से लेकर पीएम और प्रदेश नेतृत्व को अक्सर नेता अपने बिगड़े बोलों से अपमानित करने की कोशिश करते हुए दिखाई देते हैं। इन बयानों के बहाने नेता जनसमर्थन अपने पक्ष में करने जुट जाते हैं।

इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के कालकाजी से प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवादों में आए तो उसके बाद ही उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को लेकर टिप्पणी कर दी।

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आकाश आनंद ने भी दिया विवादित बयान

इससे आप और कांग्रेस दोनों के ही नेता बिधूड़ी पर हमलावर हो रहे हैं। वहीं, बीएसपी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद की भी दिल्ली के विधानसभा चुनाव में विवादित बयान को लेकर एंट्री हो गई है। अभी चुनाव की तारीखों का ऐलान भी नहीं हुआ है ऐसे में अभी राजनीतिक बयानबाजी और विवादित बयानों का सिलसिला जोर पकड़ेगा।

विधानसभा चुनाव में पहले भी नेताओं ने दिए विवादित बयान

यह पहला मौका नहीं है जब खासतौर पर विधानसभा चुनाव में विवादित बयान नेताओं के सामने आए हो। वर्ष 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव की बात करें तो तत्कालीन सीएम शीला दीक्षित को भ्रष्ट बताते हुए आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने ऑटो कैंपेन चलाया था। जिसमें ईमानदार को चुनने की अपील की गई थी। उस समय कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई थी।

'चुनाव भारत व पाकिस्तान के बीच होगा'

वहीं, 2015 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने विज्ञापन के जरिये अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए उन्हें 'उपद्रवी गोत्र' वाला भी करार दिया था। आम आदमी पार्टी ने इसकी शिकायत भी आयोग से की थी।

वहीं, 2020 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के माडल टॉउन से प्रत्याशी कपिल मिश्रा ने चुनाव को लेकर एक्स पर पोस्ट में लिखा था कि चुनाव भारत व पाकिस्तान के बीच होगा। इस पर मिश्रा के खिलाफ एफआईआर भी हुई थी।

2020 के चुनाव में प्रवेश वर्मा ने दिया था विवादित बयान

इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी सांसद प्रवेश वर्मा ने 2020 के विधानसभा चुनाव में प्रवेश वर्मा बतौर सांसद अरविंद केजरीवाल को नक्सली और आंतकी कहा था। साथ ही कहा था कि उनकी (केजरीवाल) की पाकिस्तान के मंत्री से साठ गांठ है। इस पर चुनाव आयोग ने वर्मा के प्रचार पर 96 घंटे का प्रतिबंध भी लगाया था। प्रतिबंध हटने के बाद भी प्रवेश वर्मा ने अपने बयान को फिर दोहराया था।