यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election में दिल्ली के गांवों में AAP उम्मीदवारों की एंट्री 'बैन', पंचायत संघ ने क्यों लिया ये फैसला
दिल्ली पंचायत संघ ने कहा कि महापौर द्वारा ग्रामीणों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम आदमी पार्टी को इसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहना चाहि ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली के गांवों में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह बात दिल्ली पंचायत संघ ने कही है। दिल्ली ग्राम पंचायत संघ ने बजट तैयार करने में उनसे सलाह न लेने का आरोप लगाया है।
एमसीडी मुख्यालय पर किया प्रदर्शन
दिल्ली पंचायत संघ ने आप सरकार द्वारा निगम बजट पर ग्रामीणों के मुद्दे पर सुझाव न लेने के लिए विरोध में निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव के नेतृत्व में एमसीडी मुख्यालय की दीवार पर बैनर चस्पा किए गए।
ग्रामीणों को संपत्तिकर से लेकर विकास के लिए नजरअंदाज किया जा रहा है। साथ ही दावा किया गया कि सोमवार को संपर्क करने पर मेयर ने गांवों के नेताओं को मिलने का समय नहीं दिया। निकाय ने कहा कि महापौर द्वारा ग्रामीणों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम आदमी पार्टी को इसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
AAP उम्मीदवारों को लेकर संघ ने कही ये बात
एक बयान में पंचायत संघ ने कहा कि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को दिल्ली के गांवों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ग्रामीणों के संगठन ने कहा कि निगम ने दिल्ली के 360 गांवों में से एक भी गांव में रहने वाले लोगों से बजट पर राय नहीं ली है।
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बता दें कि एमसीडी ने पिछले साल 8 दिसंबर को घोषणा की थी कि वह अंतिम बजट तैयार करने के लिए दो महीने की अवधि में जनता का सुझाव लेगी। मेयर ने कहा था कि निगम बजट को अंतिम रूप देने से पहले आम जनता, बाजार संघों, आरडब्ल्यूए, व्यापारियों और अन्य हितधारकों के साथ उनकी राय लेने के लिए लगभग 100 से 150 बैठकें करेगा।