यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
DUSU Election : ABVP ने जीतीं तीन सीटें, तुषार डेढ़ा के सिर सजा अध्यक्ष पद का ताज, NSUI को मिला उपाध्यक्ष पद
DUSU Election Results 2023 दिल्ली विश्वविद्यालय ( DU ) छात्रसंघ के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने धामकेदार जीत दर्ज की है। तीनों सीटों पर अ ...और पढ़ें

HighLights
- तीनों सीटों पर अभाविप ने विजय हासिल की है।
- एनएसयूआई के पास सिर्फ एक उपाध्यक्ष पद आया है।
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। DUSU Election Results 2023: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने धामकेदार जीत दर्ज की है। तीनों सीटों पर अभाविप ने विजय हासिल की है। वहीं, एनएसयूआई के पास सिर्फ एक उपाध्यक्ष पद आया है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के चुनाव के नतीजे घोषित होते ही ABVP के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
24वें राउंड की गिनती तक के नतीजे
एबीवीपी
- अध्यक्ष -21555
- उपाध्यक्ष 18763
- सचिव-22562
- संयुक्त सचिव-22833
एनएसयूआई
- अध्यक्ष-17833
- उपाध्यक्ष 19703
- सचिव- 9742
- संयुक्त सचिव-13058
यह भी पढ़ें- LIVE DUSU Election Result 2023: डीयू छात्र संघ चुनाव में तीन सीटों पर ABVP की जीत, NSUI को मिला उपाध्यक्ष का पद
ABVP के तुषार डेढ़ा बने अध्यक्ष
एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार तुषार डेढ़ा ने जीत दर्ज की है। वहीं, एबीवीपी की अपराजिता ने सचिव पद और सचिन बैसला ने संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की है। इसके अलावा एनएसयूआई उम्मीदवार अभि दहिया ने उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया है।
चुनाव में हावी रहा ये मुद्दा
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा हावी रहा। अधिकतर छात्राओं ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए मतदान करने की बात कही। पिछले दिनों हुए फेस्टिवल का दौरान कालेज परिसर में बाहरी युवाओं के प्रवेश के बाद लगातार छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
डूसू चुनाव में इसका असर देखने को मिला। छात्राओं ने सुरक्षा पर चिंता जताई और ऐसे प्रतिनिधियों के लिए वोट करने की बात कही, जो छात्राओं की सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़ सकें।
मिरांडा हाउस में बीए आनर्स भूगोल की छात्रा हर्षिता भट्ट ने कहा था, ''मुख्य छात्र संगठन एबीवीपी और एनएसयूआइ ही हैं। इन्होंने महिलाओं के लिए अलग से घोषणा पत्र जारी किए हैं। लेकिन, यह सिर्फ बाते ही हैं। धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आता। फेस्टिवल के दौरान जब मिरांडा हाउस में बाहरी युवकों ने प्रवेश किया, तो इस पर छात्र संगठनों ने कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं किया।''