यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली शराब घोटाले से किसे 600 करोड़ का फायदा, कितनी बार दी गई रिश्वत? ED ने किए कई बड़े दावे
दिल्ली की शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान ईडी ने केजरीवाल की 10 दिन की रिमांड की मांग। ...और पढ़ें

HighLights
- ईडी ने मांगी 10 दिन की रिमांड
- हवाला से गोवा भेजे गए 45 करोड़-ED
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुरुवार को करीब 2 घंटे की पूछताछ के बाद ईडी ने अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद शुक्रवार को जांच एजेंसी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश करके 10 दिनों की रिमांड मांगी है।
केजरीवाल मुख्य साजिशकर्ता- ED
सुनवाई के दौरान ईडी ने शराब घोटाले (Delhi Excise Policy Case) को लेकर कई बड़े दावे किए। ईडी ने कहा अरविंद केजरीवाल नई आबकारी नीति मामले में मुख्य साजिशकर्ता में शामिल रहे हैं और इसके जरिये रिश्वत ली गई। रिश्वत के पैसे का इस्तेमाल गोवा चुनाव में भी किया गया था। कोर्ट में एएसजी ने दलील दी कि केजरीवाल आबकारी नीति बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
दो मौके पर रिश्वत का पैसा दिया गया- ED
ईडी ने दावा किया कि इस मामले में अरविंद केजरीवाल के करीबी विजय नायर शामिल रहे और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) केजरीवाल से मिले थे और उन्हें नीति से जुड़ी फाइल दी थी। विजय नायर का संबंध यह है कि वह केजरीवाल के पास घर मे रहते थे और उनका केजरीवाल के घर निरंतर आना-जाना था। वह आप के मीडिया प्रभारी भी थे। मगुंटा रेड्डी ने बयान में कहा है कि वह आबकारी नीति के संबंध में केजरीवाल से मिला था। दो मौके पर रिश्वत का पैसा दिया गया।
एएसजी ने दलील देते हुए कहा कि आबकारी नीति में फायदा लेने के बदले रिश्वत मांगी गई और ऐसा न करने पर नियम बदलने की बात कही गई। आबकारी नीति के बदले रिश्वत लेना ही अपराध नहीं है, रिश्वत के बदले शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचना भी अपराध है। जांच में सामने आया है कि हवाला के जरिये 45 करोड़ रुपये गोवा भेजे गए थे।
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किसे हुआ 600 करोड़ का फायदा?
कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने बड़ा दावा किया और कहा कि 100 करोड़ की रिश्वत देकर दक्षिण लॉबी को करीब 592 से 600 करोड़ का फायदा हुआ, यह भी अपराध का हिस्सा है। जांच एजेंसी ने दावा किया था कि इस दक्षिण लॉबी में तेलंगाना एमएलसी के कविता, सरथ रेड्डी (अरबिंदो ग्रुप के प्रमोटर), मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी (सांसद, ओंगोल), उनके बेटे राघव मगुंटा और अन्य शामिल हैं। इसका प्रतिनिधित्व अरुण रामचंद्र पिल्लई, अभिषेक बोइनपल्ली और बुची बाबू कर रहे थे।