यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
G20 Summit: पुरानी दिल्ली की चाट, बनारसी साड़ी.. जब राष्ट्राध्यक्षों की पत्नियां भारतीय संस्कृति से हुईं रूबरू
G20 Summit 2023 एक ओर भारत मंडपम में जी-20 सम्मेलन में एकजुट विश्व के दिग्गज राष्ट्राध्यक्षों द्वारा विश्व की बेहतरी के लिए निर्णय लिए जा रहे थे। वहीं ...और पढ़ें

HighLights
- आईजीएमए व जयपुर हाउस में पत्नियों ने किया विशेष भोजन
- पत्नियों ने की हस्तशिल्प और हथकरघा की खरीदारी
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। G20 Summit 2023: एक ओर भारत मंडपम में जी-20 सम्मेलन में एकजुट विश्व के दिग्गज राष्ट्राध्यक्षों द्वारा विश्व की बेहतरी के लिए निर्णय लिए जा रहे थे।
वहीं, राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा (आइजीएमए) व जयपुर हाउस में उनकी पत्नियां पुरानी दिल्ली की चाट का स्वाद लेते हुए भारत की हजारों साल पुरानी भव्य कला शिल्प व कलाकृतियों से रूबरू हुईं।
राष्ट्राध्यक्षों की पत्नियों के लिए यहां दोपहर में विशेष व्यंजनों के साथ ही प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। इसमें श्री अन्न आधारित व्यंजन परोसे गए, जिसमें चांदनी चौक की चाट-पकौड़ियां भी प्रमुख थी।

जयपुर हाउस में किया भोजन
मामले के जानकार एक अधिकारी के मुताबिक, तुर्किए, जापान, यूके, आस्ट्रेलिया और मारीशस की प्रथम महिलाओं सहित अन्य लोगों ने एनजीएमए में प्रदर्शनी का दौरा किया। पहले इन्हें जयपुर हाउस में दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई थी। फिर एनजीएमए में आयोजित प्रदर्शनी का आनंद लिया।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तहत आने वाले एनजीएमए के पास पेंटिंग, मूर्तियां और तस्वीरों सहित कलाकृति का एक समृद्ध संग्रह है। उनके भोजन में कद्दू और नारियल का शोरबा, नागालैंड के काला चावल की भेल, दिल्ली की चाट, चुकंदर व बादाम मक्खन टिक्की, बंगाली मिष्ठान, अनार कुल्फी शर्बत, नारियल दही, तड़का दाल, ज्वार रोटी नारियल व करी पत्ता पुलाव, कस्टर्ड सेब क्रीम समेत अन्य थे।
पूरे भारत का दिखा रंग
इसी तरह, प्रदर्शनी में हजारों वर्ष पुराने परंपरागत हथकरघा कला से डिजाइनर मनीष मल्होत्रा, रीतू बेरी, आहूजा एंड संस सुनीता नाहर द्वारा नए डिजाइन में तैयार परिधानों की जहां विशेष प्रदर्शनी की गई तो गुजरात, उत्तर प्रदेश, ओडिसा जैसे अन्य राज्यों के परंपरागत पसमीना, पटोला, बनारसी साड़ी समेत अन्य को प्रदर्शित किया गया।
इसी तरह कई वस्तुएं भी प्रदर्शित थी, जिसकी राष्ट्राध्यक्षों की पत्नियों ने खरीदारी की। विशेष बात कि वहां मौजूद कारिगरों ने उन्हें हस्तशिल्प व हथकरघा बनाने की जानकारी भी दी।
रिपोर्ट इनपुट- नेमिष हेमंत