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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गाजियाबाद में कदम-कदम पर हैं आवारा कुत्तों को झुंड, खौफ के साए में जी रहे बच्चे

    By Jagran NewsEdited By: Nitin Yadav
    Updated: Fri, 08 Sep 2023 09:04 AM (IST)

    गाजियाबाद शहर में आवारा कुत्तों के आतंक को लेकर दैनिक जागरण द्वारा पांच दिवसीय अभियान शुरू किया गया है। जिसके तहत बृहस्पतिवार को न केवल शहर बल्कि जिले ...और पढ़ें

    गाजियाबाद में कदम-कदम पर हैं आवारा कुत्तों को झुंड।
    गाजियाबाद में कदम-कदम पर हैं आवारा कुत्तों को झुंड।

    HighLights

    1. गाजियाबाद में कदम-कदम पर हैं आवारा कुत्तों को झुंड
    2. नगर निगम हेल्पलाइन नंबर से नहीं मिली मदद
    3. 45 कुत्ते पकड़े, 21 का कराया बंध्याकरण

    गाजियाबाद, अभिषेक सिंह। गाजियाबाद शहर में आवारा कुत्तों के आतंक को लेकर दैनिक जागरण द्वारा पांच दिवसीय अभियान शुरू किया गया है। जिसके तहत गुरुवार को न केवल शहर बल्कि जिले से लगभग 70 से अधिक लोगों ने दैनिक जागरण को फोन कर कुत्तों के आतंक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह विकट समस्या है।

    जिले में कदम-कदम पर आवारा कुत्ते हैं, जिनके कारण बच्चे खौफ में जी रहे हैं। अकेले पार्क में खेलने जाना हो या फिर घर से बाहर खेलना हो, बच्चों को डर लगा रहता है कि कुत्ता उनको काट न ले। लोहिया नगर की शिखा गोयल कहती हैं कि उनकी पांच साल की बच्ची को पार्क जाते हुए कुत्ते ने दौड़ा लिया था, उस वक्त वह बच्ची से कुछ दूरी पर थीं।

    उन्होंने कुत्ते को भगा दिया, लेकिन उस दिन से बच्ची को घर से बाहर जाते वक्त कुत्तों के काटने का डर बना रहता है, यही वजह है कि वह पार्क में नहीं जाती है। कविनगर एम ब्लाक में रहने वाले अमित कुमार ने बताया कि उनके यहां भी कुत्तों का आतंक है। यहां पर 15-20 कुत्तों का झुंड है जो कि किसी को भी दौड़ा लेता है, कुछ दिन पहले एक दिव्यांग व्यक्ति को कुत्ते ने काट लिया था।

    उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए कि सोसायटियों में खूंखार कुत्ते न रहें। शास्त्रीनगर में रहने वाले अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि एक कुत्ते के काटने से मासूम शावेज की जान चली गई, यह बहुत ही दुखद है। नगर निगम को चाहिए कि ऐसी गाइडलाइन तैयार करे कि आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों को निजात मिल सके। लोनी से एमएस चौहान ने फोन कर बताया कि भगत सिंह कालोनी में भी कुत्तों की संख्या अधिक है, यहां कुत्तों का बंध्याकरण नहीं किया जाता है। जिससे कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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    45 कुत्ते पकड़े, 21 का कराया बंध्याकरण

    दैनिक जागरण द्वारा शुरू किए गए अभियान के बाद नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों के बंध्याकरण में तेजी लाई गई है। बुधवार से बृहस्पतिवार के बीच महरौली, मिर्जापुर, चरण सिंह कालोनी, पटेल नगर से 45 कुत्तों को बंध्याकरण के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर लाया गया है। इनमें से 21 कुत्तों का बंध्याकरण किया जा चुका है। उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डा. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में कुत्तों के बंध्याकरण में और तेजी लाई जाएगी।

    हेल्पलाइन नंबर से नहीं मिली मदद

    नगर निगम द्वारा कुत्तों के बंध्याकरण को लेकर हेल्पलाइन नंबर 9650934509 जारी किया गया है, जिस पर फोन ही नहीं लगा।

    डा. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि समस्या को जल्द ही दूर किया जाएगा। जल्द ही ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि रोजाना सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे के बीच लोग हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। छुट्टी के दिन भी हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने वालों की शिकायत दर्ज कर समाधान कराया जाएगा।

    कुत्ता काटे तो दें सूचना

    यदि आपके परिवार के किसी सदस्य को कुत्ता काटता है तो इसकी सूचना आप दैनिक जागरण को 9871314388 पर फोन कर दे सकते हैं। दैनिक जागरण का प्रयास है कि जहां पर ऐसे कटखने कुत्ते हैं, वहां पर कुत्तों का बंध्याकरण और टीकाकरण करने के लिए नगर निगम की टीम को सूचित किया जा सके, वहां पर कुत्तों का बंध्याकरण नगर निगम की टीम जरूर करे।

    वैशाली सेक्टर-1 में रहने वाले अशोक ने कहा कि आवारा कुत्तों के बंध्याकरण में तेजी लाई जानी चाहिए, जिससे समस्या से जल्द ही छुटकारा मिल सके। यह तभी हो सकेगा जब अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसे गंभीरता से लेंगे।

    वहीं, नेहरू नगर में रहने वाले जगदीश सिसोदिया ने बताया, यह गंभीर मामला है, आवारा कुत्तों का आतंक खत्म होना चाहिए। जिससे बच्चों को घर से बाहर निकलते वक्त कुत्तों का डर न लगे। नेहरू नगर में भी कुत्तों का झुंड है, जो लोगों को दौड़ा लेते हैं।

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