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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    खुशखबरी: दिल्ली सरकार ने महिला चालकों के लिए की ये घोषणाएं, नियमों में ढील के साथ किए कई अन्य परिवर्तन

    By Vinay Kumar TiwariEdited By:
    Updated: Sun, 13 Feb 2022 03:37 PM (IST)

    भारी मोटर वाहन (एचएमवी) लाइसेंस जारी करने के बाद की अनुभव अवधि तीन साल से कम कर एक महीने कर दी गई है। दिल्ली सरकार ने अपने बुराड़ी स्थित चालक प्रशिक्ष ...और पढ़ें

    महिला आवेदकों के लिए न्यूनतम लंबाई 159 सेमी से घटाकर 153 सेमी की गई
    महिला आवेदकों के लिए न्यूनतम लंबाई 159 सेमी से घटाकर 153 सेमी की गई

    नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली सरकार ने शहर में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर बसों में महिला चालकों की भर्ती के लिए लंबाई और अनुभव के मानदंड में ढील दी है। बस चालक के पद के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं के लिए न्यूनतम लंबाई 159 सेमी से घटाकर 153 सेमी कर दी गई है, जबकि भारी मोटर वाहन (एचएमवी) लाइसेंस जारी करने के बाद की अनुभव अवधि तीन साल से कम कर एक महीने कर दी गई है। दिल्ली सरकार ने अपने बुराड़ी स्थित चालक प्रशिक्षण संस्थान में उन महिला चालकों को एक महीने का मुफ्त प्रशिक्षण देने का भी प्रस्ताव किया है जो भारी मोटर वाहन लाइसेंस (एचएमवी) चाहती हैं।

    आगामी बजट 2022-23 में समर्पित सब्सिडी के माध्यम से महिलाओं को पूर्ण शुल्क माफी प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा है कि हमने न केवल पात्रता मानदंडों में ढील दी है, बल्कि हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि हमारे बुराड़ी चालक प्रशिक्षण संस्थान में महिलाओं को मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाए। हमने अगले बजट में इसका प्रस्ताव रखा है।उन्होंने कहा है कि यह कदम डीटीसी और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-माडल ट्रांजिट सिस्टम (डीआईएमटीएस) में 15,000 चालकों को रोजगार देने वाली 6,900 बसों की संयुक्त बेड़े की संख्या के लिए चालक के रूप में नौकरी पाने के लिए महिलाओं को अधिक अवसर देगा।

    सरकार महिला चालकों को एक महीने की अवधि के दौरान अपनी गैर-व्यवस्थित बसों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देगी। इसमें कहा गया है कि अनिवार्य एक महीने का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाओं को बस चालक के रूप में शामिल करने के लिए परीक्षण के दौर से गुजरना होगा। बता दें कि इससे पहले राज्य परिवहन सेवाओं के भीतर बस चालक के रूप में काम करने की इच्छा रखने वाली युवा महिलाओं के लिए लंबाई मानदंड बाधा बना हुआ था। परिवहन मंत्री ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने और महिलाओं के पक्ष में मानदंडों का सुझाव देने के लिए विशेषज्ञों की विशेष समिति बनाई था। समिति ने पाया कि वैश्विक मानकों के अनुरूप न्यूनतम लंबाई मानदंड को और कम करने और इसे 153 सेमी तक लाने की जरूरत है, ताकि अधिक महिलाएं बस चालक के रूप में आवेदन कर सकें।

    12 महिला चालकों को किया आमंत्रित

    परिवहन विभाग के मार्गदर्शन में डीटीसी ने अपने सुविधा केंद्र में बस ड्राइविंग के परीक्षण के लिए 12 महिला चालकों और एचएमवी लाइसेंसधारकों को आमंत्रित किया है, जिनमें से 10 ने सफलतापूर्वक परीक्षा उत्तीर्ण की है। बता दें कि एक गैर-लाभकारी समूह आजाद फाउंडेशन ने कुछ साल पहले सरकार को सुझाव दिया था कि राज्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में महिलाएं बड़ी संख्या में चालक बनना चाहती हैं, लेकिन लंबाई के नियम उनके लिए बाधा बनते हैं।

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    इस निर्णय के बाद कम-से-कम हर वर्ष 15-20 महिलाएं पब्लिक ट्रांसपोर्ट में चालक बन सकती हैं। वर्ष 2019 में महाराष्ट्र में महिला आवेदकों की लंबाई में छूट दी गई थी, वहीं उत्तर प्रदेश में तीन साल के एचएमवी लाइसेंस अनुभव की जरूरत को माफ कर दिया था। बता दें कि दिल्ली में सरिता रानी कुछ साल पहले तक डीटीसी बस में चालक हुआ करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने डीटीसी को छोड़ दिया था।

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