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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi News: बैंक से 300 करोड़ की ठगी का आरोप , फिर भी मिली विदेश यात्रा की छूट, बिजनेसमैन को दिल्ली HC से राहत

By Jagran NewsEdited By: Aditi Choudhary
Updated: Thu, 13 Oct 2022 12:48 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने 300 करोड़ के फ्राड के आरोपित बिजनेसमैन को विदेश जाने की अनुमति दी है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने आरोपित के खिलाफ बैंक की ओर से जारी लुक आउट सर्कुलर को भी निलंबित कर दिया है।

300 करोड़ के फ्राड मामले में दिल्ली HC ने बिजनेसमैन को दी विदेश जाने की छूट
300 करोड़ के फ्राड मामले में दिल्ली HC ने बिजनेसमैन को दी विदेश जाने की छूट

नई दिल्ली, एएनआई। दिल्ली हाई कोर्ट ने बैंक को 300 करोड़ की चपत लगाने के आरोपित एक बिजनेसमैन को विदेश जाने की अनुमति दी है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने आरोपित के खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) को भी निलंबित कर दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने एलओसी को छोटी अवधि के लिए निलंबित करते हुए आरोपित को 30 नवंबर 2022 तक विदेश में रहने की छूट दी है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से दुबई के बिजनेसमैन मनन गोयल पर 300 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। बैंक ने बिजनेसमैन के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था, जिसके आधार पर अक्टूबर 2021 में दिल्ली एयरपोर्ट से लंदन जाने के दौरान आरोपित को गिरफ्तार किया गया था।

5 करोड़ के सुरक्षा राशि देने का आदेश

इसके बाद गोयल ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपने खिलाफ एलओसी को चुनौती दी।आरोपित बिजनेसमैन ने हाल ही में लगभग दो महीने के लिए ब्रिटेन जाने के लिए हाई कोर्ट से अनुमति मांगी थी।हाई कोर्ट की बेंच ने विदेश जाने से पहले बिनेसमैन को 5 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि देने का आदेश दिया है। हालांकि, इस दौरान बैंक पक्ष ने आरोपित के आवेदन का जोरदार विरोध किया और कोर्ट को बताया कि मनन गोयल की कंपनी के खाते से 300 करोड़ रूपये की हेराफेरी की गई है। बैंक ने एलओसी के निलंबन के अनुरोध पर भी आपत्ति जताई।

एलओसी जारी करने से पहले नहीं दी गई सूचना

वहीं, याचिकाकर्ता यानि आरोपित बिनेसमैन के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ एलओसी जारी करने से पहले बैंक ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई थी। वकील ने आगे तर्क दिया कि ऋण राशि के पुनर्भुगतान में कुछ चूक के कारण बैंक द्वारा एलओसी जारी किया गया है।

आरोपित बिजनेसमैन की ओर से दलील दी गई कि लोन की राशि के पुनर्भुगतान में कुछ चूक के कारण बैंक ने बिना बताए एलओसी जारी कर दिया है। वकील ने कहा कि पिछले दो सालों में कोविड-19 महामारी के कारण अधिकांश कंपनियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे हालात के बावजूद बैंक ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया और उनके मुवक्किल के खिलाफ एलओसी जारी कर दिया।

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