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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    प्रभु का कमाल, कमाई बढ़ाने के लिए ट्रेन का नाम बदला

    By Ramesh MishraEdited By:
    Updated: Sat, 10 Dec 2016 07:29 PM (IST)

    इसके तहत समता एक्सप्रेस और स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस (12803/12804 ) को एक करोड़ रुपये प्रति रैक की लाइसेंस फीस के भुगतान पर एक वर्ष की अवधि के लिए ब्रांड ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली [ जेएनएन ] । विज्ञापन के जरिए रेलवे का राजस्व बढ़ाने की कोशिश के तहत हजरत निजामुद्दीन-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस (12807/12808) का नाम बदलकर वाईजैग स्टील समता एक्सप्रेस कर दिया गया है। बदले हुए नाम के साथ इस ट्रेन को रेलमंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु और इस्पात मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह ने गुरुवार को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से रवाना किया।

    पूरी ट्रेन पर राष्ट्रीय इस्पात निगम व विशाखापïट्टनम स्टील का विज्ञापन किया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पूर्व-तटीय रेलवे के वाल्टेयर मंडल का आरआइएनएल (राष्ट्रीय इस्पात निगम व विशाखापटनम स्टील) के साथ समझौता हुआ है।

    इसके तहत समता एक्सप्रेस और स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस (12803/12804 ) को एक करोड़ रुपये प्रति रैक की लाइसेंस फीस के भुगतान पर एक वर्ष की अवधि के लिए ब्रांडिंग की गई है।

    इस तरह से चार रैक के लिए रेलवे को कुल चार करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस मिली है। इस समझौते के तहत इस ट्रेन के नाम से पहले वाईजैग स्टील लिखा गया है और ट्रेन के पूरे रैक पर आरआइएनएल उत्पादों का विज्ञापन विनाइल रैपिंग के जरिये किया जा रहा है।

    लाइफ लाइन एक्सप्रेस रवाना हुई

    रेल मंत्री सुरेश प्रभु और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बृहस्पतिवार को जीवन रेखा एक्सप्रेस को तीन अतिरिक्त कोच के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना किया। गैर सरकारी संगठन इम्पैक्ट इंडिया के सहयोग से उपलब्ध कराए गए नए कोच में कैंसर मरीजों के इलाज की सुविधा है।

    अधिकारियों ने बताया कि 5 कोच वाली जीवन रेखा एक्सप्रेस वर्ष 1991 से देश के ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध करा रही है।

    इस ट्रेन में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों का दल तैनात है जो देश के विभिन्न भागों में नियमित रूप से चिकित्सा शिविर आयोजित करता है।

    इस ट्रेन में पहले से मोतियाबिंद, कुष्ठ और दांतों से संबंधित बीमारियों के उपचार की सुविधा थी। लेकिन अब मुख, स्तन और गर्भाशय के कैंसर की जांच और उपचार के साथ ही अन्य बीमारियों का भी इलाज हो सकेगा।

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