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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दिल्ली-NCR में नकली नोटों की तस्करी, इस पड़ोसी देश की सीमा से रुपया लाता था मास्टरमाइंड

    Updated: Sat, 28 Dec 2024 10:15 PM (IST)

    Fake Currency Supply दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोटों के धंधे में लिप्त एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के सरगना कौसर अली को ...और पढ़ें

    अंतरराष्ट्रीय नकली नोटों का धंधा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़।
    अंतरराष्ट्रीय नकली नोटों का धंधा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़।

    HighLights

    1. आरोपी के कब्जे से 500 रुपये के 190 नोट (95 हजार रुपये) किए गए बरामद।
    2. बांग्लादेश की सीमा से बंगाल लाकर नकली नोटों को दिल्ली-एनसीआर में खपाता था गिरोह।
    3. गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। Delhi Police Special Cell: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल यूनिट ने नकली नोट का धंधा करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बंगाल के मालदा निवासी कौसर अली के रूप में हुई है।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी 2011 में नकली नोट (Fake Indian Notes) का धंधा करने के आरोप में पहली बार गिरफ्तार किया हुआ था। जेल से रिहा होने के बाद वह फिर से नकली नोट के धंधे में जुड़ गया। पुलिस ने उसके पास से 500 रुपये के 190 नोट (95 हजार रुपये) बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

    करनाल बाईपास से गिरफ्तार हुआ तस्कर

    स्पेशल सेल के उपायुक्त डीसीपी प्रणव तयाल ने बताया कि टीम को बांग्लादेश की सीमा (Bangladesh Border) से लाकर दिल्ली-एनसीआर में नकली नोटों को खपाने वाले एक आरोपी के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एक टीम गठित की गई। टीम ने करनाल बाईपास के पास संजय गांधी ट्रांसपोर्ट एरिया के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    नकली नोट का मिला बंडल

    तलाशी लेने पर उसकी निशानदेही पर नकली नोट का बंडल मिला। पूछताछ में पता चला कि वह बंगाल के मालदा का रहने वाला है। उसने बताया कि वह पहले दिल्ली में मजदूरी करता था। इसी दौरान वह नकली नोट का धंधा करने वाले आरोपियों के संपर्क में आया, जिसके बाद वह भी धंधे से जुड़ गया।

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    2011 में भी हुआ नकली नोट के साथ गिरफ्तार

    2011 में नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया गया था। पकड़े जाने के बाद उसे पांच साल की सजा हुई। दो साल सजा काटने के बाद वह जेल से रिहा हो गया और बाहर आने के बाद फिर से नकली नोट का धंधा करने वाले गिरोह में जुड़ गया। इसी बीच 2014 में क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे दबोच लिया।

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    बांग्लादेश के रास्ते खरीदता जाली नोट

    हालांकि, उसे फिर से जमानत मिल गई और वह फिर से नकली नोट का धंधा करने लगा। पुलिस ने बताया कि वह बांग्लादेश के रास्ते जाली नोट खरीद रहा था और उन्हें दिल्ली-एनसीआर में खपा रहा था। पुलिस उससे पूछताछ कर गिरोह में जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर आगे की जांच कर रही है।