यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बॉडी बिल्डिंग के लिए इंजेक्शन लेने वाले हो जाएं अलर्ट, बिगड़ेगी मेंटल हेल्थ और हार्ट अटैक का भी खतरा
जिम में बॉडी बनाने के लिए मेफेन्टरमाइन इंजेक्शन का इस्तेमाल युवाओं में बढ़ रहा है जो मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहा है। इसे लेकर दिल्ली एम्स ...और पढ़ें

HighLights
- स्टेमिना बढ़ाने व बेहतर प्रदर्शन के लिए कई युवा कर रहे मेफेन्टरमाइन इंजेक्शन का इस्तेमाल
- एम्स के एनडीडीटीसी द्वारा दवा के नशे की लत से पीड़ित मरीजों पर किए गए शोध में आई यह बात
रणविजय सिंह, नई दिल्ली। जिम में बॉडी बिल्डिंग के लिए में कई लोग स्टेराइड युक्त प्रोटीन का इस्तेमाल तो करते हैं। जिम व खेल में बेहतर प्रदर्शन व स्टैमिना बढ़ाने के लिए कई युवा मेफेन्टरमाइन जैसी दवा का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
डॉक्टर की पर्ची के बैगर यह दवा देने पर रोक होने के बावजूद बाजार में केमिस्ट की दुकान से आसानी से यह दवा मिल जाती है या जिम प्रशिक्षक भी दवा उपलब्ध करा देते हैं। इस दवा का गलत इस्तेमाल मानसिक स्वास्थ्य बिगाड़ रहा है।
रिसर्च सामने आई ये बात
यही वजह है कि यह दवा इस्तेमाल करने वाले युवा मानसिक बीमारी व नशे की लत के साथ एम्स के एनडीडीटीसी (नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर) में पहुंच रहे हैं। एम्स के एनडीडीटीसी द्वारा किए गए एक अध्ययन में सामने आई है।
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एम्स के डॉक्टरों का यह शोध एशियन जर्नल आफ साइकेट्री में प्रकाशित हुआ है। साथ ही डॉक्टरों ने इस दवा के गलत इस्तेमाल को लेकर सतर्क किया है। एम्स के एनडीडीटीसी में वर्ष 2023 में सितंबर से नवंबर के बीच दवा के नशे की लत से पीड़ित 1698 नए मरीज इलाज के लिए पहुंचे। जिसमें से 12 मरीज मेफेन्टरमाइन इंजेक्शन इस्तेमाल करते थे।
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वे नियमित रूप से 300 एमजी मेफेन्टरमाइन इंजेक्शन लेते थे। वे सभी पढ़े लिखे युवा थे और उनकी औसत उम्र 25 वर्ष थी। इसमें से 50 प्रतिशत मरीज शादीशुदा थे। 41.7 प्रतिशत मरीज सीधे दवा दुकान से इंजेक्शन लेकर इस्तेमाल कर रहे थे।
सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर करें दवा का इस्तेमाल
वहीं 25 प्रतिशत मरीजों को जिम में प्रशिक्षक यह दवा उपलब्ध करा रहे थे। इसके दुष्प्रभाव से 58.3 प्रतिशत मरीज यूफोरिया व 67.7 प्रतिशत मरीज साइकोटिक लक्षण से पीड़ित थे। यूफोरिया एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या है। जिसके कारण अत्यधिक खुशी या उत्साह महसूस होता है।
डॉक्टर बताते हैं कि यह दवा ब्लड प्रेशर कम होने की स्थिति में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए इलाज में इस्तेमाल होती है। ड्रग व कास्मेटिक अधिनियम के तहत इस दवा को सीधे दवा दुकान से किसी को उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही यह दवा इस्तेमाल की जा सकती है। सर्जरी के दौरान मरीज का ब्लड प्रेशर गिरने पर भी यह दवा दी जाती है।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
इस अध्ययन में अहम भूमिका निभाने वाले एम्स के एनडीडीटीसी के प्रोफेसर डॉ. रविंद्र राव ने बताया कि जिम व खेल में स्टेमिना बढ़ाने व बेहतर प्रदर्शन के लिए कई युवा इसका इस्तेमाल करते हैं। उन्हें लगता है कि यह दवा लेने वे अधिक देर तक जिम में कसरत कर पाते हैं लेकिन कई लोगों को इसकी आदत लग जाती है। इस वजह से मानसिक परेशानी शुरू हो जाती है। तब वे इलाज के लिए पहुंचते हैं। पहले इसके मामले कम देखे जाते थे।
इंजेक्शन लेने से क्या होता है?
अब पहले की तुलना में इसके मामले अधिक देखे जा रहे हैं। खुद को शारीरिक रूप से फिट रखने के लिए जिम जाने का चलन बढ़ा है, जो गैर चिकित्सकीय कार्य में मेफेन्टरमाइन इंजेक्शन लेने के मामले बढ़ने का कारण हो सकता है।
डॉक्टर बताते हैं कि यह इंजेक्शन लेने से हृदय की पंप करने की क्षमता बढ़ जाती है। इस वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इस दवा के दुरुपयोग से गंभीर हृदय रोग व हार्ट अटैक भी हो सकता है।