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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Air Pollution: देशभर में खराब होती हवा की गुणवत्ता को लेकर NGT ने लिया स्वतः संज्ञान, राज्यों को तत्काल कदम उठाने के निर्देश

    By Vineet TripathiEdited By: Jagran News Network
    Updated: Fri, 03 Nov 2023 06:50 PM (IST)

    राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता खराब होने की खबरें आ रही है। अब इसी पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने स्वतंः संज्ञान लेते हुए विभ ...और पढ़ें

    देशभर में बढ़ते प्रदूषण पर एनजीटी ने लिया स्वतः संज्ञान
    देशभर में बढ़ते प्रदूषण पर एनजीटी ने लिया स्वतः संज्ञान

    HighLights

    1. राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है
    2. एनजीटी ने इस पर संज्ञान लेते हुए सभी राज्यों को तत्काल कदम उठाने को कहा

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के अलावा नवी मुंबई, पटना, लखनऊ समेत विभिन्न शहरों में खराब हुई हवा की गंभीर समस्या के मुद्​दे का नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने शुक्रवार को स्वत: संज्ञान लिया है।

    एनजीटी ने खराब वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे राज्यों के मुख्य सचिव को तत्काल इस संबंध में उचित कार्रवाई करने और कार्रवाई रिपोर्ट दस जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर दाखिल करने का निर्देश दिया है।

    एनजीटी ने साथ ही संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष, राष्ट्रीय टास्क फोर्स वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के प्रमुख सचिव के माध्यम से, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को इस बाबत नोटिस भी जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

    अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश

    एनजीटी ने वायु प्रदूषण को लेकर सीपीसीबी द्वारा शुक्रवार को एक्यूआइ के संंबंध में जारी की गई गुणवत्ता बुलेटिन पर स्वत: संज्ञान लिया। एनजीटी चेयरमैन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायिक सदस्य सुधीर अग्रवाल व पर्यावरण सदस्य डॉ. एम सेंथिल वेल की पीठ ने सभी संबंधित मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वायु प्रदूषण के संबंध में समय-समय पर उठाए गए कदमों पर भी एक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करें।

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    1 नवंबर को हवा की गुणवत्ता खराब मिली

    एनजीटी ने शुक्रवार को स्वत: संज्ञान लेकर मामले में सुनवाई के दौरान नोट किया कि एक नवंबर को दिल्ली के अलावा ग्रेटर नोएडा, नोएडा, कैथल, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार, हनुमानगढ़, भिवानी, दादरी, फतेहाबाद और श्री गंगानगर में वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्तर थी।

    वहीं, यह भी नोट किया कि अमृतसर, बल्लभगढ़, भटिंडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, ग्वालियर, झांसी, झुनझुन, करनाल, खुर्जा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधयाना, पानीपत, पटना, नवी मुंबई की वायु गुणवत्ता खराब पाई गई है।

    राष्ट्रीय टास्क फोर्स का हुआ था गठन

    एनजीटी ने इससे पहले आठ अप्रैल 2021 को अखबार में प्रकाशित एक समाचार का संज्ञान लेकर 102 शहरों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक आठ सदस्यीय राष्ट्रीय टास्क फोर्स का गठन किया था। साथ ही वायु की गुणवत्ता को सुधारने व इस संबंध में समय-समय पर उचित कदम उठाने का निर्देश दिया था।

    खबरें और भी

    एनटीएफ को एक ऐसा तंत्र तैयार करना था, जिससे वायु गुणवत्ता को बेहतर करने की दिशा में कदम उठाए जा सके और समय-समय पर राज्य स्तर पर इसकी निगरानी की जा सके। इसके तहत सभी राज्यों को अपने-अपने स्तर पर जमीनी स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था।

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