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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Parliament Incident: लोकसभा में खुद को आग के हवाले करने वाले भी थे आरोपी, आगे का खौफनाक प्लान जानकर रहे जाएंगे दंग

    By Rakesh Kumar SinghEdited By: Geetarjun
    Updated: Sat, 16 Dec 2023 08:34 PM (IST)

    संसद भवन की सुरक्षा में सेंध मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है जांच एजेंसियों के सामने नई-नई तरह की बातें सामने आ रही हैं। आरोपितों से पूछताछ और ...और पढ़ें

    लोकसभा में खुद को आग के हवाले करने वाले भी थे आरोपी, आगे का खौफनाक प्लान जानकर रहे जाएंगे दंग
    लोकसभा में खुद को आग के हवाले करने वाले भी थे आरोपी, आगे का खौफनाक प्लान जानकर रहे जाएंगे दंग

    HighLights

    1. नया राजनीतिक दल बनाने की थी आरोपितों की योजना।
    2. देश-विदेश में बड़ा संदेश देने के लिए आरोपितों ने बनाए थे तीन से ज्यादा तरह के प्लान।
    3. सभी प्लान के पीछे मकसद सुर्खियां बटोरना था ताकि भविष्य में राजनीतिक पार्टी बनाने में मिले मदद।

    राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। Parliament Security Breach: संसद भवन की सुरक्षा में सेंध मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, जांच एजेंसियों के सामने नई-नई तरह की बातें सामने आ रही हैं। आरोपितों से पूछताछ और जांच से पता चला है कि इनकी योजना संसद व अंदर व बाहर धुआं-धआं कर देने की थी। इसके लिए इन्होंने मुंबई से चीन निर्मित सात कलर स्मोक क्रैकर खरीदे थे।

    ऐसा करने पर आरोपितों को देश-विदेश की मीडिया के जरिए बड़ा कवरेज मिलने की उम्मीद थी, लेकिन सांसदों से अधिक पास न मिल पाने व सुरक्षा कारणों से अधिक आरोपित संसद के अंदर नहीं घुस पाए। केवल दो आरोपित ही अंदर घुस पाए, जिनमें एक ही अपने जूते में छिपाकर स्मोक क्रैकर अंदर ले जा पाया।

    सिर्फ सुर्खियां बटोरना था मकसद

    संसद भवन के बाहर भी केवल दो आरोपित ही स्मोक क्रैकर चला नारेबारी कर पाए, जिससे आरोपिति अपने मकसद में अधिक कामयाब नहीं हो पाए। सभी प्लान के पीछे मकसद सिर्फ सुर्खियां बटोरना था ताकि भविष्य में नई राजनीतिक पार्टी बनाई जा सके।

    कई प्लान बना रखे थे आरोपियों ने

    दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल (Delhi Police Special Cell) की काउंटर इंटेलीजेंस, संसद भवन की सुरक्षा में सेंध मामले की जांच कर रही है, लेकिन सभी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां उन्हें जांच में सहयोग कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक डेढ़ साल से सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन करने की योजना बना रहे आरोपितों द्वारा तीन-चार तरह के प्लान बनाने के बारे में जानकारी मिली है।

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    आत्मदाह करने की थी योजना

    इनका पहला प्लान संसद भवन के अंदर व बाहर नारेबाजी करने व प्रदर्शन करने की थी। दूसरा प्लान दो-दो आरोपितों द्वारा अंदर और बाहर में आत्मदाह करने की थी। इसके लिए सभी ने गूगल से सर्च कर व अन्य तरीके से कोई एक जेल (केमिकल) खरीदने की कोशिश की, जिसके लगाने से उन्हें नुकसान न पहुंचे।

    आरोपियों में नहीं थी आम सहमति

    आग बुझा देने पर उनकी जान बच जाए और उनका मकसद भी पूरा हो जाए। इसके लिए कुछ आरोपितों ने मिलकर पैसे भी इकट्ठा किए। लेकिन जेल खरीदने से पहले इस निर्णय पर आम सहमति न बन पाने पर इसे प्लान को भी रद्द कर दिया गया। आरोपितों ने विचार किया कि संसद भवन के बाहर आत्मदाह पहले भी कई लोग कर चुके हैं लेकिन उन्हें मीडिया कवरेज नहीं मिला।

    इसलिए दूसरा प्लान रद्द हो गया। इसके बाद 13 दिसंबर की सुबह आरोपितों ने अचानक तीसरा प्लान बनाया। इस पलान के तहत दो आरोपित संसद के अंदर व दो बाहर में रहकर वारदात को अंजाम दिया।

    राजनीति पार्टी चाहते थे बनाना

    संसद भवन के अंदर से स्मोक क्रैकर चलाने वाले सागर शर्मा से पूछताछ में पता चला कि वह एक राजनीतिक पार्टी बनाना चाह रहा था। इसके लिए उसने साजिश में शामिल अन्य आरोपितों से सलाह मशविरा लेकर कुछ ऐसा काम करना चाह रहा था जिससे मीडिया के जरिये सुर्खियां मिले और उसका फायदा उठाकर आरोपित कोई राजनीतिक पार्टी बना सके।

    देश भर के बेरोजगार युवाओं को जोड़ने की कोशिश की

    डेढ़ साल पहले फेसबुक के जरिए आपस में जुड़े आरोपितों ने फेसबुक पर भगत सिंह फैन पेज के नाम से एक पेज बना रखा था इस पेज को देशभक्त 88 नाम के हैंडल से बनाया गया था। इसके जरिए आरोपित देश भर के युवाओं को जुड़ने की अपील कर रहे थे। इन्होंने पेज पर बताया था कि वे लोग कांग्रेस, भाजपा या किसी अन्य पार्टी से जुड़े नहीं हैं। देश में एक नई क्रांति लाने के लिए ये लोग युवाओं को बरगला कर उन्हें जोड़ने की कोशिश कर रहे थे।

    पेज के बाक्स में ललित झा ने अपना परिचय दिया था कि वह बंगाल से है। महेश ने परिचय दिया कि वह राजस्थान है। स्पेशल सेल पेज में शामिल युवाओं से आगे पूछताछ कर सकती है। क्योंकि इसी पेज के जरिए सभी आरोपित एक दूसरे के संपर्क में आए थे। युवाओं को बरगलाने के लिए इसे बनाया गया था।

    पुलिस का कहना है कि सभी आरोपित अलग-अलग तरह के बयान दे रहे हैं। ये लोग पकड़े नहीं जाए इसके लिए सभी आपस में सिग्नल ऐप के जरिए बात करते थे।