Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi Pollution: दिन में थोड़ी राहत तो शाम होते ही गंभीर श्रेणी में पहुंचा AQI, प्रदूषण कम करने को सरकार के 10 कदम

    By sanjeev GuptaEdited By: Geetarjun
    Updated: Tue, 07 Nov 2023 10:54 PM (IST)

    मंगलवार को चार दिन बाद दिल्ली की हवा गंभीर स्थिति से बहुत खराब श्रेणी में आई लेकिन शाम होते होते वापस गंभीर ही हो गई। हवा चलने से दिल्ली का एक्यूआई मं ...और पढ़ें

    दिन में मिली थोड़ी राहत तो शाम होते-होते गंभीर श्रेणी में पहुंचा AQI।
    दिन में मिली थोड़ी राहत तो शाम होते-होते गंभीर श्रेणी में पहुंचा AQI।

    HighLights

    1. चार दिन बाद ''गंभीर'' से ''बहुत खराब'' श्रेणी में आई वायु गुणवत्ता जल्द ही वापस ''गंभीर'' श्रेणी में पहुंची।
    2. अभी खराब हवा में ही लेनी होगी दिल्ली वालों को सांस

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। मंगलवार को चार दिन बाद दिल्ली की हवा ''गंभीर'' स्थिति से ''बहुत खराब'' श्रेणी में आई, लेकिन शाम होते होते वापस ''गंभीर'' ही हो गई। हवा चलने से दिल्ली का एक्यूआई मंगलवार को 400 से नीचे आ गया। इस श्रेणी की हवा ''बहुत खराब'' में रखा जाता है, लेकिन शाम सात बजे तक फिर 400 से ऊपर यानी ''गंभीर'' श्रेणी में पहुंच गई। यह बात अलग है कि दो दिन पहले की तुलना में कुछ राहत जरूर मिली।

    दिल्ली में इस बार मार्च से लेकर सितंबर तक का महीना काफी हद तक साफ-सुथरा रहा। कोविड प्रतिबंधों के साल 2020 को छोड़ दिया जाए तो पहली बार लोगों को 200 से ज्यादा दिन तक साफ हवा में सांस लेने का मौका मिला। लेकिन मानसून की वापसी के बाद अक्टूबर से ही हवा में प्रदूषण के स्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी।

    पिछले चार दिन दिल्लीवालों के लिए खराब रहे

    खासतौर पर 21 अक्टूबर के बाद एक दिन भी दिल्ली की हवा साफ-सुथरी नहीं रही। पिछले चार दिन दिल्ली वालों के लिए सबसे ज्यादा खराब गुजरे। इस दौरान दिल्ली का एक्यूआई लगातार ही 400 से ऊपर यानी ''गंभीर'' या ''गंभीर प्लस'' श्रेणी में रहा। हवा की दिशा में बदलाव, हवा की गति में थोड़ी तेजी आने और दिन भर खिली धूप के चलते मंगलवार को प्रदूषण के स्तर में थोड़ा सुधार हुआ है।

    दिल्ली एक्यूआई में हुई वृद्धि

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली का एक्यूआई 395 रहा। इस स्तर की हवा को ''बहुत खराब'' श्रेणी में रखा जाता है। सोमवार को यह 421 रहा था। यानी चौबीस घंटे के भीतर ही इसमें 26 अंकों का सुधार हुआ है। शाम को इसमें सात अंकों की वृद्धि हुई और यह 402 हो गया। दिल्ली के कई हिस्सों का एक्यूआई 400 से ऊपर ही है और यहां पर लोग जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं।

    खबरें और भी

    अभी खराब हवा में ही लेनी होगी दिल्ली को सांस

    दिल्ली के लोगों को अभी खराब हवा में ही सांस लेनी होगी। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक अगले दो दिनों के दौरान हवा की दिशा दक्षिणी पश्चिमी और उत्तरी पश्चिमी रहेगी। जबकि, हवा की रफ्तार ज्यादा से ज्यादा 12 किमी प्रति घंटे तक की रहेगी। इसके चलते प्रदूषक कणों का बिखराव धीमा रहेगा और दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में ही रहने के आसार हैं

    यहां की हवा रही सबसे खराब

    रोहिणी- 442

    आनंद विहार- 444

    पंजाबी बाग- 435

    आरके पुरम- 430

    द्वारका- 429

    मंगलवार को रही पराली के धुएं की सर्वाधिक 37 प्रतिशत हिस्सेदारी

    पराली का धुआं अभी भी दिल्ली वासियों का दम घोंट रहा है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन आइआअटीएम पुणे के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के अनुसार मंगलवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी इस सीजन की सर्वाधिक 37 प्रतिशत दर्ज की गई। तीन नवंबर को यह 33 प्रतिशत रही थी जबकि बुधवार को इसके 35 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

    ये भी पढ़ें- School Close: प्रदूषण की वजह से कहीं छुट्टी तो कहीं चलेंगी ऑनलाइन क्लासेज, जानिए दिल्ली-NCR में क्या हैं दिशानिर्देश

    मंगलवार को एनसीआर के शहरों का एक्यूआई

    फरीदाबाद - 374

    गाजियाबाद - 342

    ग्रेटर नोएडा - 457

    नोएडा - 355

    गुरुग्राम - 364

    ये भी पढ़ें- Festival Special Train: दिल्ली से पटना और सहरसा के लिए चलगी स्पेशल ट्रेन, जानिए क्या है टाइमिंग

    दिल्ली सरकार द्वारा लिए गए 10 एक्शन

    • पुराने, प्रदूषण फैलाने वाले और भारी वाहनों के खिलाफ की गई कार्रवाई।
    • अनुपालन न करने वाले सी एंड डी अपशिष्ट पदार्थ परिवहन वाहनों पर कार्रवाई।
    • पीयूसीसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) मानदंड प्रवर्तन।
    • खराब ईंधन का प्रयोग करने वाले ट्रकों और बसों के खिलाफ कार्रवाई।
    • रोड स्वीपर मशीनें, पानी का छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन, मोबाइल एंटी-स्मॉग गन का प्रयोग।
    • निर्माण स्थलों का निरीक्षण और पोर्टल पर ऑन-बोर्डिंग।
    • खुले में कूड़ा जलाने पर रोक, डलावघर पर नजर रखना।
    • पटाखों के भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर पैनी नजर।
    • बिखरे हुए स्रोतों से प्रदूषण का निवारण -311 और ग्रीन दिल्ली ऐप
    • चिह्नित किए गए हॉटस्पॉट पर प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाना।