यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Shraddha Murder Case: कभी श्रद्धा के कटे सिर का मेकअप करता, कभी गुस्से में थप्पड़ मारता था आफताब
आरोपित आफताब फ्रीजर में रखे श्रद्धा के कटे हुए सिर पर मेकअप करता था और रोज उसे देखते हुए बातें करता था। बात करते हुए अचानक गुस्सा आने पर उसके गालों पर ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। श्रद्धा हत्याकांड में आरोपित आफताब के बारे में रोज नई-नई और चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपित आफताब फ्रीजर में रखे श्रद्धा के कटे हुए सिर पर मेकअप करता था और रोज उसे देखते हुए बातें करता था। बात करते हुए अचानक गुस्सा आने पर उसके गालों पर थप्पड़ भी मारने लगता था। उनका कहना है कि ये बातें उसने पुलिस को अपने बयान में कही हैं। वहीं, मामले में दूसरी लड़की के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है जिसे आरोपित ने श्रद्धा की हत्या के बाद अपने जाल में फंसाया था।
अंग्रेजी में स्वीकार किया था क्राइम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आफताब शुरू से ही पूछताछ के दौरान पुलिस से सिर्फ अंग्रेजी में बात कर रहा था। उसने अपना अपराध भी अंग्रेजी में ही 'यस आइ किल्ड हर' कहकर स्वीकार किया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपित ने डेटिंग एप बम्बल के माध्यम से श्रद्धा की हत्या के तीन चार दिन बाद ही एक गर्लफ्रेंड भी बनाई थी।
गर्लफ्रेंड के आते ही शव को आलमारी में छिपा देता था आफताब
गुरुग्राम के एक काल सेंटर में नौकरी करते हुए वह श्रद्धा की हत्या के बाद अपनी दूसरी गर्लफ्रेंड को छतरपुर पहाड़ी स्थित अपने घर भी बुलाता था। जब भी आरोपित आफताब अपनी दूसरी गर्लफ्रेंड को घर पर बुलाता था तो उससे पहले श्रद्धा के रेफ्रिजरेटर में रखे, पालीथिन में लिपटे हुए शव के हिस्सों को निकालकर आलमारी में रख देता था। वह जहां भी इन हिस्सों को रखता था उसे सल्फर हाइपोक्लोरिक एसिड से साफ कर देता था जिससे की फोरेंसिक जांच के दौरान डीएनए सैंपल न मिल सके।
अब तक नहीं मिल सका है वारदात में प्रयुक्त हथियार
कानूनी विशेषज्ञों की मानें तो लिव इन पार्टनर की हत्या से जुड़ा मामला कानूनी तौर पर बेहद जटिल होता है। ऐसे मामले, जिनमें कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह भी न हो और हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद न हुआ हो। इसके बावजूद आरोप साबित होना संभव है। कानून में कई ऐसे उदाहरण है जहां गवाह और हथियार न होने के बावजूद आरोपितों को दोषी ठहराया गया और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई गई है।