Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वायु और जल प्रदूषण पर जड़ से होगा प्रहार, दिल्ली में 32 जगहों पर बनेंगे मॉनिटरिंग स्टेशन; सीएम रेखा गुप्ता ने बजट में किया एलान

    By sanjeev Gupta Edited By: Rajesh Kumar
    Updated: Tue, 25 Mar 2025 09:32 PM (IST)

    नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने बजट में राजधानी की वायु गुणवत्ता सुधारने का भी ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा मंगलवार को पेश किए गए वर्ष 2025 ...और पढ़ें

    दिल्ली सरकार भी जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से वाकिफ है। फाइल फोटो
    दिल्ली सरकार भी जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से वाकिफ है। फाइल फोटो

    HighLights

    1. छह नए वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
    2. 32 स्थानों पर जल गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी।

    संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने बजट में राजधानी की वायु गुणवत्ता सुधारने का भी ध्यान रखा है। न केवल पर्याप्त बजट प्रावधान किया है, बल्कि समस्या की जड़ पर प्रहार करने की योजना भी तैयार की है। दिल्ली सरकार भी जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से वाकिफ है।

    506 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा मंगलवार को पेश किए गए वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित बजट में वायु गुणवत्ता, जल प्रदूषण, ध्वनि स्तर और अपशिष्ट प्रबंधन की वास्तविक समय निगरानी के लिए एक एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र का प्रस्ताव किया गया है। विधानसभा में बजट पेश करते हुए गुप्ता ने पर्यावरण और वन विभाग के लिए 506 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की।

    पर्यावरण अनुकूल सुधारों को लागू करने के लिए "प्रदूषण नियंत्रण और आपातकालीन उपायों" के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है, और पार्कों और सार्वजनिक स्थानों को हरा-भरा बनाने में आरडब्ल्यूए, गैर सरकारी संगठनों और अन्य संगठनों को समर्थन देने के लिए "दिल्ली पार्क और गार्डन सोसायटी" योजना के तहत 20 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

    70 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य

    गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के हरित क्षेत्र का विस्तार करने, वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और शहरी जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए 70 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के साथ एक बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान शुरू किया जाएगा।

    खबरें और भी

    पहली बार, यमुना नदी और प्रमुख नालों के किनारे 32 जल गुणवत्ता निगरानी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे ताकि वास्तविक समय में जल प्रदूषण की निगरानी की जा सके। इसके अतिरिक्त, बेहतर प्रदूषण प्रबंधन के लिए लाइव डेटा प्रदान करने के लिए रणनीतिक स्थानों पर छह नए सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी (CAAQM) स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

    दिल्ली में वर्तमान में 40 वायु गुणवत्ता स्टेशन हैं। छह नए स्टेशनों के जुड़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी। ये स्टेशन वायु गुणवत्ता के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाने में मदद करेंगे।

    बता दें कि फिलहाल दिल्ली में 40 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन हैं, जो अलीपुर, आनंद विहार, आया नगर, बवाना, बुराड़ी, चांदनी चौक, डीटीयू, द्वारका, आईजीआई एयरपोर्ट, आईएचबीएएस, आईटीओ, जहांगीरपुरी, लोधी रोड, नजफगढ़, नरेला और 25 अन्य जगहों पर लगे हैं।

    वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए ये स्टेशन पूरे शहर में फैले हुए हैं। हालांकि, ये स्टेशन शहर के सभी हिस्सों में समान रूप से नहीं लगाए गए हैं। कई स्टेशन कम आबादी वाले इलाकों में स्थित हैं, जैसे आईएचबीएएस, अरबिंदो मार्ग, असोला भट्टी फॉरेस्ट रेंज के भीतर करणी सिंह शूटिंग रेंज और हौज खास जंगल के पास सिरीफोर्ट। ऐसे में कई घनी आबादी वाले इलाकों की निगरानी नहीं हो पाती।

    गुप्ता ने कहा, "हमारे प्रयास न केवल प्रदूषण को कम करेंगे बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित करेंगे।"

    यह भी पढ़ें: अब UPSC अभ्यर्थियों का तनाव होगा दूर? दिल्ली पुलिस ने शुरू की ये नई पहल