यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi CM Oath: दिल्ली को आज मिलेगा 8वां सीएम, आतिशी होंगी राजधानी की सबसे युवा मुख्यमंत्री
Atishi New CM राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और साथ ही AAP की नेता और कालकाजी से ...और पढ़ें

HighLights
- आज एलजी वीके सक्सेना नई सीएम आतिशी मार्लेना को दिलाएंगे शपथ।
- आतिशी के शपथे के बाद मंत्रिमंडल में हो सकता है फेरबदल।
वी के शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली को आज नया मुख्यमंत्री मिल रहा है। आतिशी आज दिल्ली की आठवीं मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी। शीला दीक्षित, सुषमा स्वराज के बाद वह तीसरी महिला होंगी, जो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगी साढ़े चार बजे एलजी वी के सक्सेना (LG VK Saxsena) उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। आतिशी दिल्ली की सबसे युवा मुख्यमंत्री होंगी।
डेढ़ साल में वह दूसरी बार शपथ लेने जा रही हैं। इससे पहले मार्च 23 में उन्होंने मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) के आबकारी घोटाले में जेल चले जाने पर मंत्री पद की शपथ ली थी। वह (atishi oath ceremony) कालकाजी से विधायक हैं और पहली बार विधायक का चुनाव लड़ी हैं और जीती हैं। मगर अपनी समझ और बफादारी से उन्होंने अपने वरिष्ठों को पीछे छोड़ दिया और इस पद तक पहुंची हैं।
आतिशी ने केजरीवाल के जेल जाने पर पार्टी को संभाला
पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने उन पर भरोसा किया है। दरअसल गत मार्च में केजरीवाल के जेल चले जाने पर आतिशी पार्टी के लिए पंक्ति में सबसे आगे खड़ी रहीं। उन्होंने पार्टी को हर संकट के समय प्रेसवार्ता कर बचाव करने का प्रयास किया है।
आतिशी के साथ उनके साथ पांच मंत्री भी शपथ लेंगे। मालूम हो कि आतिशी के मंत्रिमंडल (Atishi New Cabinet) में गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत और इमरान हुसैन पूर्ववत रहेंगे जबकि मुकेश अहलावत नया चेहरा होंगे। मंत्रिमंडल में एक पद रिक्त है जिसे भरने के लिए आप ने अभी फैसला नहीं लिया है।
इस कारण से नए मंत्री को कम दिया जा सकता है विभाग
यह पद आतिशी के मुख्यमंत्री बनने से रिक्त हो रहा है। बताया जा रहा है कि मंत्रियों के विभागों में एक बार फिर बदलाव हो सकता है। मंत्रिमंडल में नया चेहरा मुकेश अहलावत को राज कुमार आनंद की अपेक्षा कम विभाग दिए जा सकते हैं।
विधानसभा चुनाव भी पांच माह में होने हैं और अहलावत को सिस्टम समझने में अभी समय लगेगा। ऐसे में उन पर काम का दबाव कम किया जा सकता है।

