विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आखिर कौन चला रहा था दरगाह शरीफ पत्ते शाह ? पुलिस के सामने बड़ा सवाल, हादसे में मरने वालों की संख्या हुई सात

Published: Sat, 16 Aug 2025 09:39 PM (GMT+05:30)

दिल्ली के हज़रत निजामुद्दीन इलाके में पत्ते शाह दरगाह में हुए हादसे में एक और घायल की मौत हो गई ...और पढ़ें

दरगाह शरीफ पत्ते शाह शनिवार को बंद रही, आम दिनों में यहां जुटी है भीड़।
दरगाह शरीफ पत्ते शाह शनिवार को बंद रही, आम दिनों में यहां जुटी है भीड़।

HighLights

  1. एक और घायल की इलाज के दौरान मौत
  2. मृतकों की संख्या बढ़कर अब सात हो गई
  3. पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। हजरत निजामुद्दीन थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर वर्षा के दौरान हुमायूं के मकबरे के नजदीक दरगाह शरीफ पत्ते शाह में हुए हादसे में घायल एक और युवक की मौत हो गई।

मृतक बिहार के नवादा का आबिद है, जिसमें इलाज के दौरान शनिवार को अस्पताल में दम तोड़ गया। वह एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती था। मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ लापरवाही से मौत और चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया है।

शुक्रवार को दरगाह में करीब 50 साल पुराने दो कमरों की दीवारें और छत वर्षा के कारण गिर गई थीं, जिसके नीचे दबकर छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच को गंभीर हालत में अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया था।

मृतक मीना अरोड़ा के शोकाकुल पति रमेश अरोड़ा व बेटी प्रिया। जागरण 

मृतकों में मलकागंज निवासी 79 वर्षीय स्वरूप चंद , जाकिर नगर निवासी 37 वर्षीय मोइनुद्दीन, वसंत कुंज निवासी 56 वर्षीय मीना अरोड़ा और उनकी बेटी 25 वर्षीय मोनुष्का, भोगल, जंगपुरा निवासी 58 वर्षीय अनीता सैनी और संगम विहार निवासी 25 वर्षीय आरिफ शामिल हैं।

शनिवार को आबिद की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। घायल रानी को छुट्टी मिल गई है, जबकि अन्य तीन का इलाज चल रहा है।

पुलिस को नहीं पता कौन है संचालक

पत्ते शाह की दरगाह में हुई हादसे के बाद पुलिस ने शनिवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएसएन की धारा 290, 125 और 106 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के 24 घंटे बाद भी पुलिस दरगाह के संचालक के बारे में जानकारी नहीं जुटा पाई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार हादसे के बाद दरगाह के व्यवस्थापक और वहां काम करने वाले लोग फरार हैं। पुलिस उनके बारे में जानकारी जुटा रही है। शनिवार को दरगाह बंद थी और वहां कोई मौजूद नहीं था।

मृतक स्वरूप चंद और हादसे में बाल बाल बचीं गीता देवी। जागरण

दरगाह में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर उसे चेक किया जा रहा है और अन्य सबूतों की भी जांच की जा रही है। हालांकि शुक्रवार को पुलिस ने बताया था कि पुलिस दरगाह के केयरटेकर से पूछताछ कर रही है।

मरम्मत के लिए नहीं मिली थी अनुमति

पत्ते शाह की दरगाह में बने पांचों कमरे अतिक्रमण करके बनाए गए थे, जिसकी शुक्रवार को मौके पर पहुंचे दक्षिणी पूर्वी जिले के डीएम ने जांच करवाने की बात कही थी।करीब 50 साल पुराने कमरे होने के कारण इनकी दीवारें व छत जर्जर हो चुके थे।

बताया जा रहा है कि दरगाह के संचालकों ने इसकी मरम्मत के लिए पुरातत्व विभाग से अनुमति मांगी थी, मगर उन्हें अनुमति नहीं मिली थी।

ऐसे में संचालकों ने वर्षा के मौसम से पहले कमरों की छत पर मिट्टी डलवा दी थी ताकि पानी न टपके।मगर जर्जर हाल कमरे बोझ नहीं सह पाए और शुक्रवार को वहां बने पांच में से दो कमरों की दीवारें व छत ढह गई।

यह भी पढ़ें- निजामुद्दीन दरगाह हादसा: पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा, दीवार गिरने से 6 की हुई थी मौत

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।