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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Manmohan Singh: जब दिल्ली में लगे थे 'मनमोहन सिंह लाओ' के नारे, इस सीट से लड़ा था लोकसभा का चुनाव और मिली हार

    Updated: Thu, 26 Dec 2024 10:59 PM (IST)

    डॉ. मनमोहन सिंह (Manmohan Singh Passes Away) का दिल्ली से गहरा नाता रहा है। वह 1999 में दक्षिणी दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें भाजपा के प ...और पढ़ें

    Manmohan Singh Died: डॉ. मनमोहन सिंह का दक्षिणी दिल्ली से चुनावी सफर।
    Manmohan Singh Died: डॉ. मनमोहन सिंह का दक्षिणी दिल्ली से चुनावी सफर।

    HighLights

    1. 1999 में दक्षिणी दिल्ली से लड़ा था लोकसभा का चुनाव।
    2. भाजपा प्रत्याशी विजय कुमार मल्होत्रा ने दी थी मात।

    निहाल सिंह, नई दिल्ली।Former PM Manmohan Singh death: पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह का दिल्ली से भी खासा लगावा रहा है। वह पीएम पद से हटे तो वह 3 मोतीलाल नेहरू मार्ग पर रह रहे थे। दिल्ली की राजनीति में वह आए थे।

    वैसे तो ज्यादातर बार वह उच्च सदन राज्यसभा में सदस्य रहे हैं लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए वह दिल्ली (delhi vidhan sabha chunav) में दक्षिणी दिल्ली से वह बतौर कांग्रेस प्रत्याशी (Manmohan Singh political career) के तौर पर चुनाव मैदान में उतरें थे, लेकिन उन्हें विजय नहीं मिल पाई।

    भाजपा प्रत्याशी विजय कुमार मल्होत्रा से हारे थे मनमोहन

    बात 1999 के लोकसभा चुनाव की है। वह कांग्रेस के प्रत्याशी बने थे। जब भाजपा (delhi bjp) के प्रत्याशी प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा ने 30 हजार मतों से हराया था। डा.मनमोहन सिंह को 2,31,231 मत मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी विजय कुमार मल्होत्रा को 2,61,230 मत मिले थे।

    जबकि तीसरे स्थान पर रहे निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद शरीफ को महज 2,846 मत प्राप्त हुए थे। डा. मनमोहन सिंह (Ex PM Manmohan Singh Demise) को 19.04 प्रतिशत मत मिले थे जबकि मल्होत्रा को 21.51 प्रतिशत मत मिले थे। तीसरे नंबर पर रहे मोहम्मद शरीफ का मत प्रतिशत 0.23 रहा था।

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    दक्षिणी दिल्ली लोकसभा सीट से 12 प्रत्याशी थे चुनावी मैदान में

    उस समय दक्षिणी दिल्ली लोकसभा सीट से 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। इनमें से आठ निर्दलीय प्रत्याशियों थे, इनमें मोहम्मद शरीफ, वेद प्रकाश, दिनेश जैन, घनश्याम दास, जनिस दरबारी, जोगिंदर सिंह, अशोक कुमार और खैराती लाल शामिल थे।

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    मनमोहन सिंह लाओ, साउथ दिल्ली बचाओ का लगाया गया था नारा 

    कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त कहते हैं कि वह 1999 के चुनाव में शहीद भगत कॉलेज छात्र यूनियन में थे। उस दौरान कांग्रेस (Delhi Congress) ने जब डा. मनमोहन सिंह को चुनाव में उतारा था तो मनमोहन सिंह लाओ, साउथ दिल्ली बचाओ (former PM Manmohan Singh death) का नारा चला था।

    इस दौरान वह उन युवा कार्यकर्ताओं में शामिल थे जिन्होंने आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) की लाल बत्ती पर खड़े होकर चुनाव के पर्चे बांटे थे। हालांकि उस समय उन्हें जीत तो नहीं मिली थी लेकिन उनका प्रचार में व्यवहार बहुत ही शांत था।

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