दिल्ली में यमुना के किनारे तैनात की जाएगी Territorial Army ! राज्य सरकार ने इस समस्या पर केंद्र से मांगी मदद
दिल्ली में यमुना डूब क्षेत्र में अतिक्रमण एक गंभीर समस्या बनी हुई है जिसके कारण नदी की जल धारण क्षमता प्रभावित हो रही है। दिल्ली सरकार ने केंद्र से नद ...और पढ़ें

HighLights
- यमुना डूब क्षेत्र में अतिक्रमण बड़ी समस्या
- केंद्र से प्रादेशिक सेना की तैनाती का अनुरोध
- अवैध खनन और गंदगी पर रोक लगाने में मदद
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। यमुना डूब क्षेत्र में अतिक्रमण बड़ी समस्या है। एनजीटी के आदेश के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसके तट पर कहीं मलबा डाला जा रहा है तो कहीं स्थायी और अस्थायी निर्माण कर दिया गया है।
अतिक्रमण के कारण यमुना डूब क्षेत्र की जल धारण क्षमता नष्ट हो रही है। नदी का प्रवाह क्षेत्र भी सीमित हो गया है। दिल्ली सरकार ने इसके समाधान के लिए केंद्र सरकार से नदी के किनारे प्रादेशिक सेना तैनात करने का अनुरोध किया है।
दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही यमुना किनारे प्रादेशिक सेना तैनात करने का निर्णय लिया गया था। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा, "प्रादेशिक सेना की तैनाती के संबंध में एक प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।
उम्मीद है कि इसे जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा। प्रादेशिक सेना तैनात होने से मलबा डालने, गंदगी फैलाने, अवैध खनन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
बुधवार को वह आईटीओ घाट पर स्वच्छता अभियान में शामिल हुए। लोगों से नदी के आसपास गंदगी नहीं फैलाने की अपील की।
कहा, लोग पूजा करने के बाद प्लास्टिक की थैली व अन्य कचरा नदी के किनारे फेंक देते हैं। उन्होंने निर्धारित स्थान पर ही पूजन सामग्री डालने की अपील की।
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