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    NEET-UG पेपर लीक मामले में आज होगी कोर्ट में सुनवाई, जांच से ट्रायल तक का रास्ता हो सकता है साफ

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 07:50 AM (IST)

    राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक बढ़ा दी है। कोर्ट 7 अगस्त को सीबीआई के आरोपपत्र पर सं ...और पढ़ें

    राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक बढ़ा दी है।

    राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक बढ़ा दी है।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सभी 13 आरोपितों की न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक बढ़ा दी है। दो आरोपितों विकास बिवाल और दिनेश बिवाल की जमानत याचिका पर अदालत ने 18 अगस्त को सुनवाई की तारीख तय की।

    आरोपपत्र की प्रारंभिक जांच पूरी, 7 अगस्त को संज्ञान पर फैसला

    विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने कहा कि सीबीआइ के आरोपपत्र और उसके साथ दाखिल दस्तावेज की प्रारंभिक जांच (स्क्रूटनी) पूरी हो चुकी है। अब अदालत सात अगस्त को यह तय करेगी कि मामले में संज्ञान लिया जाए या नहीं। सुनवाई के दौरान आरोपितों की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उन्हें आरोपपत्र की साफ्ट कापी उपलब्ध करा दी गई है।

    दोनों आरोपितों के अधिवक्ता ने अनुरोध किया कि आरोपपत्र 20 हजार पन्नों का है। ऐसे में दस्तावेज का अध्ययन करने के लिए समय चाहिए ताकि जमानत याचिका पर बचाव पक्ष अपनी तैयारी कर सके।

    हार्ड कॉपी की मांग और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की पेशकश

    अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया। आरोपितों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह ने दलील दी कि मामले के आरोपित हार्ड कापी में केस दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि करीब 20 हजार पन्नों के दस्तावेज केवल पेन ड्राइव के माध्यम से दिए गए हैं, जिन्हें न्यायिक हिरासत में रहते हुए प्रभावी ढंग से देखना संभव नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि सभी आरोपित स्वेच्छा से पालीग्राफ, लाई डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं।

    अदालत ने कहा कि बचाव पक्ष के इस अनुरोध पर 10 अगस्त को फैसला लिया जाएगा।सीबीआइ ने इस आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। एजेंसी ने कहा कि सरकार ने इस मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया है, इसलिए इस तरह के आवेदन पर आरोपितों पर कास्ट (जुर्माना) भी लगाया जाना चाहिए। आरोपपत्र में 360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।

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    कुछ वकीलों के समय से नहीं पहुंचने पर जताई नाराजगीबचाव पक्ष के कुछ वकीलों के सुबह 10 बजे समय पर नहीं पहुंचने पर अदालत ने नाराजगी जताई। अदालत ने सभी वकीलों को रोजाना समय पर उपस्थित रहने और भविष्य में किसी भी तरह की देरी से बचने का निर्देश दिया।

    जज ने दी समय पर आने की सख्त हिदायत

    विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने कहा, कृपया मेरी चिंता को समझिए। यहां हर मिनट महत्वपूर्ण है। पहले जब मैं इस मामले की सुनवाई कर रहा था, तब इसे जल्द निपटाने के कोई निर्देश नहीं थे। उन्होंने आगे कहा कि आप सभी को सुबह ठीक 10 बजे अदालत में मौजूद रहना चाहिए। यह सिलसिला ऐसे नहीं चल सकता। आज मैं सुनवाई 11 बजे तक स्थगित कर रहा हूं, लेकिन कृपया हर दिन सुबह 10 बजे समय पर पहुंचें।

    बता दें कि फास्ट ट्रैक गठित होने से यह मामला राउज एवेन्यू में ही न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत में चल रहा था। फास्ट ट्रैक गठित होने पर मामला विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलिगा के पास आ गया। उनके स्थानांतरण के बाद अजय गुप्ता को फास्ट ट्रैक कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

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