Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    संसद मार्च बना बवाल! बैरिकेड टूटे, लाठीचार्ज-आंसू गैस के बीच 9 घंटे तक थमी रही दिल्ली

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 09:08 PM (GMT+05:30)

    कॉकरोच जनता पार्टी का शांतिपूर्ण संसद मार्च सोमवार को नई दिल्ली में हिंसक हो गया, जिससे शहर लगभग नौ घंटे तक बंधक बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड त ...और पढ़ें

    संसद मार्ग पर प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान सड़क पर फैले पड़े जूते-चप्पल। हरीश कुमार

    संसद मार्ग पर प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान सड़क पर फैले पड़े जूते-चप्पल। हरीश कुमार

    HighLights

    1. शांतिपूर्ण संसद मार्च नई दिल्ली में हिंसक उपद्रव में बदला।

    2. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े, 25 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त।

    3. 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल, राजधानी नौ घंटे बंधक रही।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। काॅकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर चल रहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन सोमवार को संसद मार्च के बहाने उग्र हो गया। सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने शांतिपूर्ण संसद मार्च का आह्वान किया था लेकिन सोमवार को पुलिस की तैयारियों के दावों के बीच प्रदर्शनकारी सुरक्षा के कई घेरों को तोड़ते हुए संसद भवन तक पहुंच ही गए। इस दौरान करीब नौ घंटे तक नई दिल्ली लगभग बंधक सी रही।

    भगदड़ में 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल

    कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच घंटों जमकर झड़पें होती रहीं। संसद मार्ग, जनपथ और रायसीना मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने करीब 25 सरकारी व अन्य लोगों के निजी वाहनों को तोड़कर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया। स्थिति से निपटने के लिए पुलिस को बार-बार लाठी चार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। भगदड़ में 15 से अधिक पुलिसकर्मी और कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों के उत्पात से सिर्फ लुटियंस दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरी दिल्ली प्रभावित हो गई।

    CJP-Protest14

    आधे घंटे के सफर में लगे दो घंटे

    पुलिस ने नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली में प्रवेश रोकने के लिए यहां आने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी। इससे विकास मार्ग, एनएच 44 और एनएच-9 के अलावा दक्षिणी दिल्ली से आने वाले प्रमुख मार्गों पर जाम लग गया। कार्यालय पहुंचने के समय होने के कारण नौकरीपेशा लोग इससे काफी परेशान दिखे। आधे घंटे का सफर तय करने में लोगों को दो घंटे लग गए।

    क्या पुलिस नहीं लगा पाई अंदाजा?

    शनिवार सुबह सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अनशन शुरू कर दिया और यहां प्रदर्शनकारियों की संख्या भी बढ़ने लगी थी। रविवार रात में भी जंतर मंतर पर करीब पांच से छह हजार लोगों की भीड़़ रूकी रही लेकिन पुलिस इस बात का अंदाजा नहीं लगा पाई कि सोमवार को भीड़ अनियंत्रित हो सकती है।

    खबरें और भी

    CJP-Protest13

    बेबस होकर पुलिस को होना पड़ा सख्त

    सोमवार सुबह आठ बजे से जंतर-मंतर, संसद मार्ग, रायसीना मार्ग, जनपथ और टालस्टाय मार्ग आदि सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का जुटना शुरू हो गया। इनमें युवाओं की संख्या अधिक थी। प्रदर्शनकारियों को संसद की तरफ न जाने देने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कई घेरे बनाए थे। लेकिन जंतर-मंतर से जब प्रदर्शनकारी निकलकर संसद भवन की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस बेबस नजर आने लगी।

    प्रदर्शनकारी पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़ते हुए पहले संसद मार्ग थाने तक पहुंच गए। दोपहर 12:30 बजे प्रदर्शनकारी रायसीना मार्ग से होते हुए संसद भवन के नजदीक पहुंच गए तब पुलिसकर्मियों को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। बहुत मुश्किल से पुलिसकर्मियों ने वहां हालात को काबू किया। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग को पूरी तरह हाइजैक कर लिया।

    CJP-Protest12

    कार्यालयों में घुसकर करने लगे तोड़फोड़

    यहां एनडीएमसी बिल्डिंग, टाॅलस्टाॅय मार्ग चौराहे से लेकर संसद मार्ग थाने तक प्रदर्शनकारियों ने करीब आठ घंटे तक जमकर उपद्रव मचाया। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जीवन बीमा निगम की बिल्डिंग से पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिसके बाद यहां भी पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया। इस घटना में 25 से अधिक पुलिसकर्मी व प्रदर्शनकारी घायल हुए। हालात इतनी बेकाबू थी कि प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग के दोनों तरफ स्थित सभी सरकारी व बैंकों आदि के कार्यालयों के परिसर में घुसकर ताेड़फोड़ शुरू कर दी।

    20 से अधिक पुलिस व निजी वाहन तोड़े

    स्थिति को देखते हुए सभी कार्यालय बंद कर दिए गए। कुछ लोग कार्यालय बंद कर भाग गए तो कुछ ने अंदर से खुद को बंद कर लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़़कों के किनारे और कार्यालय परिसर में खड़़ी 20 से अधिक पुलिस व निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। कार्यालयों में लगे साइन बोर्ड, स्टील की रेलिंग के साथ गमले तोड़ दिए।

    CJP-Protest11

    संसद मार्ग पर प्रदर्शनकारियों हटाने के लिए आंसू गैस छोड़ते अर्धसैनिक बल के जवान। हरीश कुमार

    आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज

    सड़कों पर खड़ी सभी पुलिस वैन व निजी बसों के अंदर व छतों पर बैठकर प्रदर्शनकारी घंटों नारेबाजी करते रहे। पुलिस बार-बार प्रदर्शनकारियों को शांत रहने व संसद की तरफ न जाने की अपील करती रही लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ में सैकड़ों लोगों के जूते व चप्पल छूट गए। संसद मार्ग पर प्रदर्शनकारी जब शांत हुए उसके बाद जनपथ पर पथराव व नारेबाजी शुरू कर दी गई, जिससे वहां भी पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा।

    यह भी पढ़ें- जंतर-मंतर से संसद तक बवाल, दिल्ली पुलिस को सड़क के साथ सोशल मीडिया पर भी लड़नी पड़ी जंग; पढ़ें Inside Story