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    दिल्ली में सभी पानी टैंकरों में GPS लगाना होगा, NGT का आदेश न मानने पर DJB सीईओ व अधिकारी होंगे जिम्मेदार

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 09:15 PM (IST)

    NGT ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को अवैध भूजल दोहन रोकने के लिए सभी जल टैंकरों में GPS लगाने का निर्देश दिया है। इसमें STP जल ले जाने वाले टैंकर भी शामिल ...और पढ़ें

    एनजीटी ने सभी पानी के टैंकरों में जीपीएस लाने का आदेश दिया। फोटो: आर्काइव

    एनजीटी ने सभी पानी के टैंकरों में जीपीएस लाने का आदेश दिया। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. NGT ने DJB को सभी जल टैंकरों में GPS लगाने का आदेश दिया

    2. अवैध भूजल दोहन रोकने और वाणिज्यिक उपयोग पर निगरानी हेतु

    3. आदेश न मानने पर DJB सीईओ व अधिकारी होंगे जिम्मेदार

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अवैध भूजल दोहन एवं उसके वाणिज्यिक उपयोग को रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को एसटीपी जल सहित सभी जल टैंकरों में ग्लोबल पोजिसनिंग सिस्टम ( जीपीएस) लगाने का निर्देश दिया है।

    एनजीटी ने यह भी कहा कि अगर उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तो डीजेबी सीईओ सहित अन्य अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    हर टैंकर का गेट और ट्रांसिट पास होगा

    एनजीटी ने डीजेबी की निगरानी प्रणाली में कमियों को रिकार्ड पर लिया, जिसमें अभिलेखों का समुचित रखरखाव नहीं किया जा रहा था। एनजीटी न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया कि डीजेबी प्रत्येक टैंकर के लिए गेट पास एवं ट्रांजिट पास जारी करे तथा उनका समुचित अभिलेख रखे।

    एनजीट ने कहा कि टैंकर चालक परिवहन के दौरान आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें एवं जांच के समय प्रस्तुत करें। एनजीटी ने कहा कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    एनजीटी ने उक्त निर्देश अवैध भूजल दोहन एवं उसके वाणिज्यिक उपयोग के खिलाफ दायर आवेदन पर दिया। यह मामला दिल्ली में अवैध भूजल दोहन एवं उसके वाणिज्यिक उपयोग से संबंधित है।

    एनजीटी ने कहा- सभी टैंकरों में जीपीएस आवश्यक

    एनजीटी ने 28 मई 2025 को आदेश दिया था कि दिल्ली में व्यवसायिक प्रयोजनों हेतु केवल जीपीएस युक्त जल टैंकरों का ही उपयोग किया जाए। साथ ही यह भी कहा था कि अवैध भूजल निकासी पर प्राथमिकी करने सहित अन्य सख्त कार्रवाई की जाए।

    एनजीटी ने स्पष्ट किया कि एसटीपी का उपचारित जल, भूजल से भिन्न है और उसका पुनः उपयोग पर्यावरण की दृष्टि से वांछनीय है। ऐसे में 28 मई 2025 के निर्देश सभी प्रकार के व्यवसायिक जल टैंकरों पर लागू होंगे और इनमें एसटीपी जल ले जाने वाले टैंकर भी शामिल होंगे।

    एनजीटी ने यह भी कहा कि सभी टैंकरों में जीपीएस की अनिवार्यता आवश्यक है, ताकि उनके संचालन की निगरानी सुनिश्चित हो सके और अवैध भूजल परिवहन को रोका जा सके।

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