दिल्ली सरकार में 650 करोड़ के खरीद घोटाले को लेकर प्रमुख सचिव को नोटिस जारी, स्वास्थ्य मंत्री ने मांगा जवाब
दिल्ली सरकार में 650 करोड़ के खरीद घोटाले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई सरका ...और पढ़ें
-1785989422009_m.webp)
AI जनरेटेड।
HighLights
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रमुख सचिव को कारण बताओ नोटिस दिया।
650 करोड़ के खरीद घोटाले में जवाबदेही तय हो रही।
लंबित खरीद प्रक्रियाओं की रिपोर्ट न देने पर कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार में दवाओं, उपभोग्य सामग्रियों और चिकित्सा उपकरणों के 650 करोड़ के खरीद घोटाले को लेकर जवाबदेही तय करने की कार्रवाई तेज हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
आरोप है कि सरकार के तीन बार निर्देश देने के बावजूद लंबित खरीद प्रक्रियाओं की विस्तृत कार्ययोजना और कार्रवाई रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। मंत्री ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
26 मई को दिया था पहला निर्देश
नोटिस के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग को 26 मई को सभी लंबित खरीद प्रक्रियाओं के लिए बिंदुवार कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया था। इसमें दवाओं, उपभोग्य सामग्रियों और चिकित्सा उपकरणों की खरीद पूरी करने की समयसीमा तय करने के साथ सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से मांग भेजने की समयसीमा की समीक्षा भी शामिल थी।
दो अनुस्मारक के बाद भी नहीं मिला जवाब
सरकार का कहना है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर 17 जून और 22 जुलाई को फिर से अनुस्मारक भेजे गए। इसके बावजूद विभाग ने न तो अपेक्षित जानकारी उपलब्ध कराई और न ही कार्रवाई रिपोर्ट सौंपी।
नोटिस में बताई गंभीर प्रशासनिक लापरवाही
कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि तीन आधिकारिक पत्राचार के बावजूद आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे महत्वपूर्ण खरीद प्रक्रियाओं की निगरानी प्रभावित हुई और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया है।
जिम्मेदार अधिकारियों पर क्यों न हो कार्रवाई
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रमुख सचिव से पूछा है कि सरकार के निर्देशों की अनदेखी क्यों की गई और कई अनुस्मारकों के बावजूद कार्रवाई रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि कथित कर्तव्यहीनता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सेवा आचरण नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति क्यों नहीं की जानी चाहिए।
खबरें और भी
सीपीए खरीद मामले की जांच के बीच बढ़ी सख्ती
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब दिल्ली सरकार सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) के माध्यम से दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं की जांच करा रही है।
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कथित रूप से कीमतें बढ़ाकर खरीद, निविदा शर्तों में हेरफेर और चुनिंदा आपूर्तिकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के आरोपों की जांच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पहले ही वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों की भूमिका की जांच के आदेश दे चुकी हैं।