विदेश में नौकरी और वीजा के नाम पर 9.25 लाख की ठगी, दिल्ली पुलिस ने मुंबई से मास्टरमाइंड को दबोचा
दिल्ली पुलिस ने वीजा और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 9.25 लाख रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस ने वीजा और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 9.25 लाख रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया है।
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। वीजा व विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर शालीमार बाग में रहने वाले एक व्यक्ति से 9.25 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपित फर्जी पहचान के साथ होटलों में बैठकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। आरोपित इसी तरह महाराष्ट्र व उत्तराखंड में ठगी की तीन वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने आरोपित से तीन मोबाइल व एक लैपटाप बरामद किया है।
शालीमार बाग के बीजे-ब्लाक में रहने वाले विजय नारंग ने धोखाधड़ी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता में बताया कि उसने नौकरी डाट काम के माध्यम से विदेशी नौकरी के लिए आवेदन किया था। उसे वाट्सएप के माध्यम से वीजा कंसल्टेंसी एवं विदेशी नौकरी के लिए संपर्क किया गया। मार्गदर्शन के नाम पर उसे अपने जाल में फंसा लिया गया और धोखेबाजी से समय-समय पर प्रोसेसिंग एवं विभिन्न प्रकार की क्लियरेंस के नाम पर 9.25 लाख की राशि ले ली।
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि जांच के दौरान कालिंग नंबर फर्जी पहचान पर पंजीकृत पाया गया। कालिंग नंबर एवं बैंक खातों के लाभार्थियों के आधार पर इस मामले के तार मुंबई से जुड़े होने का सुराग हाथ लगा। लाभार्थियों के बैंक खातों का विवरण एकत्रित किया गया, खाते वास्तविक पाए गए। लाभार्थियों से पूछताछ की गई तथा एक समान पैटर्न सामने आया कि सभी मुंबई के विभिन्न क्लबों में मैनेजर के रूप में कार्यरत थे।
खबरें और भी
आरोपित हर जगह प्रवीण सुधाकर देशमुख नामक फर्जी पहचान का उपयोग कर रहा था। अंतत: पुलिस ने पनवेल के एक होटल से आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की पहचान अनुप धर्मोले के रूप में हुई। वह महाराष्ट्र के अहिल्या नगर (अहमदनगर) जिले के जाटेगांव का रहने वाला है।
पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया कि वीजा उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया था। वह ठगी की राशि सीधे क्लबों के बैंक खातों में ट्रांसफर करता था ताकि अपने बकाये का भुगतान कर सके तथा अतिरिक्त राशि भविष्य के खर्चों के लिए रखी जाती थी। पुलिस से बचने के लिए वह फर्जी पहचान का उपयोग करता था।
रेवाड़ी के युवक को ठगी का शिकार होने से बचाया
पुलिस ने दो लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाया। जिला पुलिस उपायुक्त ने बताया कि महाराष्ट्र के पनवेल स्थित होटल से गिरफ्तारी के समय आरोपित दो अन्य व्यक्तियों के संपर्क में पाया गया। उन्हें विदेशी रोजगार दिलाने के बहाने ठगने का प्रयास कर रहा था।
रेवाड़ी (हरियाणा) निवासी महेश कुमार नौकरी के नाम पर अनुप धर्मोले को अग्रिम राशि देने वाला था। इसी प्रकार महाराष्ट्र निवासी रूमिन कृष्णा को नौकरी दिलाने का झूठा वादा देकर आरोपित ने तीन लाख रुपये मांगे थे, वह 25 हजार रुपये अग्रिम भुगतान कर चुकी थी। शेष राशि देने वाली थीं।पुलिस ने दोनों से संपर्क किया तथा उन्हें सूचित किया।