दिल्ली में पैरोल पर छूटा उम्रकैद का दोषी 7 साल बाद गिरफ्तार, हत्या के प्रयास के मामले में था फरार
सीमापुरी पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पैरोल जंपर विजय कुमार को सात साल बाद उत्तराखंड के काशीपुर से गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated
HighLights
उम्रकैद का दोषी पैरोल जंपर सात साल बाद गिरफ्तार।
पत्नी पर जानलेवा हमले के मामले में था फरार।
उत्तराखंड के काशीपुर से पहचान छिपाकर रह रहा था।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। सीमापुरी थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पैरोल जंपर और घोषित अपराधी को सात साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित को उत्तराखंड के काशीपुर से दबोचा गया, जहां वह पहचान छिपाकर रह रहा था।
डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि 18 जून 2012 को सीमापुरी थाने में हत्या के प्रयास की धारा के तहत मामला दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता अक्षय कुमार ने आरोप लगाया था कि उसके पिता विजय कुमार ने पारिवारिक विवाद के चलते उसकी मां मिथलेश पर उस समय लोहे के तवे से कई वार किए, जब वह सो रही थीं। हमले में महिला के सिर में गंभीर चोटें आईं और कई फ्रैक्चर हो गए। लंबे समय तक इलाज और सर्जरी के बाद भी वह कई वर्षों तक कोमा में रहीं।
कब सुनाई गई थी उम्रकैद की सजा?
मामले की सुनवाई के बाद वर्ष 2016 में सत्र न्यायालय ने आरोपित विजय कुमार को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वर्ष 2019 में पैरोल पर बाहर आने के बाद वह वापस जेल नहीं लौटा और फरार हो गया। इसके बाद 19 अप्रैल 2022 को दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे घोषित अपराधी करार दिया।
डीसीपी ने बताया कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए सीमापुरी थाना पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार प्रयास किए। कई बार हिमाचल प्रदेश में भी दबिश दी गई, लेकिन आरोपित का कोई सुराग नहीं मिला।
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उत्तराखंड के काशीपुर छिपा था आरोपी
आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि आरोपित उत्तराखंड के काशीपुर में छिपकर रह रहा है। इसके बाद टीम ने वहां छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि 2019 में पैरोल से फरार होने के बाद उसने परिवार से संपर्क तोड़ लिया था और पहले मुरादाबाद में किराये पर रहने लगा। जीविका चलाने के लिए वह शेयर ब्रोकर का काम करने लगा। बाद में उसने दूसरी शादी कर ली और पिछले चार साल से काशीपुर में रह रहा था ताकि पुलिस से बच सके।