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    दिल्ली विधानसभा में अटल-मालवीय की स्थापित की गई तस्वीर, राजनाथ सिंह ने सुनाए दिलचस्प किस्से

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 04:02 PM (IST)

    दिल्ली विधानसभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मदन मोहन मालवीय के चित्रों का अनावरण किया। इस अवसर पर ...और पढ़ें

    विधानसभा में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी व पंडित मदनमोहन मालवीय के चित्रों का आवरण करते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह साथ में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता। जागरण

    विधानसभा में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी व पंडित मदनमोहन मालवीय के चित्रों का आवरण करते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह साथ में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता। जागरण

    HighLights

    1. राजनाथ सिंह ने अटल-मालवीय के चित्रों का अनावरण किया।

    2. रक्षा मंत्री ने अटल जी के प्रेरक किस्से साझा किए।

    3. ये चित्र सुशासन के मार्ग को आलोकित करेंगे।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विधानसभा सदन में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के चित्रों का अनावरण किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और वरिष्ठ पत्रकार व पद्म भूषण राम बहादुर राय भी उपस्थिति रहे।

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    महान व्यक्तित्व थे वाजपेयी और महामना मालवीय - राजनाथ सिंह

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज हम दो ऐसे महापुरुषों को याद कर रहे हैं, जिन्होंने राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता संग्राम को अपने जीवन का आधार बनाया। अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मालवीय दोनों ही बहुआयामी व्यक्तित्व और महान विचारक थे।

    उन्होंने कहा कि अटल जी का मानना था कि “छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।” राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने भी इस विचार को अपने जीवन में आत्मसात किया है।

    रक्षा मंत्री ने अटल जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे हाजिर-जवाब और राजनीतिक शुचिता के प्रतीक थे। उन्होंने एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि जब अटल जी पाकिस्तान गए थे, तो वहां एक महिला पत्रकार ने मज़ाक में उनसे शादी की इच्छा जताई और बदले में कश्मीर मांगने की बात कही।

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    इस पर अटल जी ने सहज व्यंग्य में जवाब दिया था कि वे शादी कर लेंगे, लेकिन दहेज में पूरा पाकिस्तान चाहिए।

    उन्होंने यह भी बताया कि अटल जी हमेशा मर्यादा में रहकर आलोचना करते थे। हिमाचल प्रदेश के एक मंच का उदाहरण देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि वहां कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मौजूद थे। अटल जी ने उनकी आलोचना भी की, लेकिन इतनी शालीनता से कि मुख्यमंत्री को बुरा तक नहीं लगा। 

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    अटल जी ने कहा कि आप के मुख्यमंत्री भद्र तो हैं मगर वीर नहीं हैं। कहा कि सही मायनों में अटलजी महामना जी के विचारों के सच्चे उत्तराधिकारी थे।

    अटल जी ने कहा था—“आपके मुख्यमंत्री भद्र तो हैं, मगर वीर नहीं हैं।” राजनाथ सिंह ने कहा कि सही मायनों में अटल जी महामना मालवीय के विचारों के सच्चे उत्तराधिकारी थे।

    अटल और महामना जी की तपस्या बनाती रहेगी सुशासन का मार्ग

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल साइट एक्स पर संदेश कर कहा कि सदन परिसर में सुशोभित ये चित्र उन महान आदर्शों की जीवंत उपस्थिति हैं, जिन्होंने आधुनिक भारत के वैचारिक आधार को गढ़ा है। श्रद्धेय अटल जी का ओज और महामना की तपस्या हमारे सुशासन के मार्ग को सदैव आलोकित करती रहेगी।

     

    ‘भारत माता’ बुक का हुआ विमोचन

    कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के रचनाकाल के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष कॉफी टेबल बुक ‘भारत माता’ का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव का कालजयी दस्तावेज़ बताया।

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    इस आयोजन में दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, कैबिनेट सहयोगी प्रवेश साहिब सिंह सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और अन्य नेताओं के साथ चित्रों का अनावरण किया, इसके बाद ‘भारत माता’ कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण भी किया।

    कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय के विचार, संस्कार और भारत माता के प्रति अटूट भक्ति दिल्ली सहित पूरे देश को सुशासन और जनसेवा के मार्ग पर निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।