पैलेट गन ने छीनी आंख की रोशनी, सीटी स्कैन में मिले 200 से ज्यादा छर्रे; FIR में साहिल ने क्या-क्या बताया?
दिल्ली के छात्र साहिल लोचब ने 20 जुलाई 2026 को एक प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से दाहिनी आंख की रोशनी जाने और शरीर में छर्रे लगने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है।

राहुल गांधी के साथ एफआईआर की काॅपी के साथ साहिल लोचब। फोटो: जागरण
HighLights
साहिल लोचब का पैलेट गन से आंख की रोशनी जाने का आरोप
20 जुलाई 2026 के दिल्ली प्रदर्शन में चोट लगने का दावा
CT स्कैन में शरीर में 200 से अधिक पैलेट के छर्रे मिले
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। CJP के संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा के दौरान चली पैलेट गन से एक छात्र की आंख की रोशनी चली चली है। जिस पर शुक्रवार को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने संसद मार्ग थाने में प्रदर्शन किया। पैलेट गन चलाने वाले पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई FIR में छात्र साहिल लोचब 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान अपनी दाहिनी आंख की रोशनी चले जाने और शरीर में बड़ी संख्या में पैलेट गन के छर्रे लगने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
FIR अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 118(1)/125 के तहत दर्ज की गई है। जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर मोहित वर्मा को सौंपी गई है। हालांकि, साहिल के आराेपों की जांच होनी है। आइए जानते हैं कि एफआईआर में दिल्ली पुलिस पर कौन से गंभीर आरोप लगाए हैं?
जंतर-मंतर से शुरू हुआ प्रदर्शन, फिर बिगड़ी स्थिति
साहिल के मुताबिक, 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन हो रहा था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च शुरू किया।
करीब 20 वर्षीय साहिल ने शिकायत में बताया है कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग यानी SOL से पढ़ाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह खुद छात्र हैं और इससे पहले 2025 में हुई दिल्ली पुलिस परीक्षा में कथित धांधली तथा NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में भी शामिल रहे हैं।
20 जुलाई को भी वह इसी प्रदर्शन में शामिल होने जंतर-मंतर पहुंचे थे। लेकिन मार्च आगे बढ़ने के साथ हालात बदलने लगे। साहिल ने अपनी शिकायत में लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़े जाने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, भगदड़ जैसी स्थिति बनी और वह दूसरे युवाओं के साथ भागते हुए कनॉट प्लेस इलाके की तरफ पहुंच गए।

हाथ में तिरंगा था, तभी पैलेट गन के छर्रे लगने का दावा
साहिल के अनुसार, वह भीड़ में आगे बढ़ रहे थे और उनके हाथ में भारतीय तिरंगा था। इसी दौरान उन्हें शरीर के दाहिने हिस्से, छाती, बाजू और आंख के आसपास अचानक कुछ लगने का अहसास हुआ।
उनका कहना है कि उस समय उनका चेहरा दूसरी तरफ था। पीछे मुड़ने पर उन्होंने कथित तौर पर नीली वर्दी पहने एक व्यक्ति को एक बड़ी बंदूक के साथ देखा। साहिल का आरोप है कि उसी व्यक्ति की ओर से चली पैलेट गन के छर्रे उनके शरीर में लगे।
यही वह घटना है, जिसके बाद साहिल की आंख सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आने का दावा शिकायत में किया गया है।
अस्पताल दर अस्पताल चला इलाज
शिकायत के मुताबिक, घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने साहिल को अस्पताल पहुंचाया। उन्हें सबसे पहले बाइक से लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी पहली MLC हुई। इसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल और फिर AIIMS भेजा गया।
साहिल ने शिकायत में बताया है कि 21 जुलाई की रात करीब एक बजे उन्हें AIIMS के RPC Eye Centre ले जाया गया। इसके बाद उन्हें AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
शिकायत के अनुसार, 21 जुलाई की दोपहर उन्हें भर्ती किया गया और 22 जुलाई की रात उनकी आंख का पहला ऑपरेशन हुआ। साहिल का दावा है कि MLC में आंख में प्लेटलेट/छर्रे से चोट लगने का उल्लेख किया गया था और उन्हें बताया गया कि आंख की रोशनी वापस आने की संभावना बेहद कम है।
CT Scan में 200 से ज्यादा पैलेट के छर्रे होने का दावा
इस मामले का सबसे गंभीर दावा साहिल ने AIIMS में हुए CT Scan को लेकर किया है। उनकी शिकायत के मुताबिक, CT Scan में उनके शरीर में 200 से अधिक पैलेट के छर्रे दिखाई दिए।
साहिल ने बताया है कि ये छर्रे आंख, गर्दन, छाती, दिल के पास, जबड़े और बाजू समेत शरीर के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं। दाहिनी आंख को लेकर उनका कहना है कि आंख के पीछे और नस के पास भी छर्रे मौजूद हैं और उन्हें निकालना संभव नहीं बताया गया।
शिकायत के अनुसार, डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि कुछ छर्रे लंबे समय तक शरीर में रह सकते हैं और आंख के इलाज में भी काफी समय लग सकता है।
25 जुलाई से सिर्फ अंधेरा दिखाई देने का दावा
साहिल के मुताबिक, 25 जुलाई को दोबारा जांच के दौरान दाहिनी आंख से उन्हें सिर्फ अंधेरा दिखाई दे रहा था। इसके बाद 31 जुलाई को RPC Eye Centre और AIIMS की OPD में उनकी जांच हुई।
शिकायत में साहिल ने डॉक्टरों द्वारा आंख की रोशनी वापस आने की संभावना के बारे में बताए जाने का भी उल्लेख किया है। इसके बाद 1 अगस्त 2026 को उनकी आंख की दूसरी सर्जरी हुई। लेकिन साहिल का कहना है कि इसके बाद भी उनकी आंख पूरी तरह सामान्य नहीं हुई।
इलाज का खर्च उठाने में मुश्किल होने की बात
अपनी शिकायत में साहिल ने कहा है कि वह प्रदर्शन में अपनी बात रखने के लिए मौजूद थे। उनका आरोप है कि घटना के दौरान उनकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई और शरीर में बड़ी संख्या में पैलेट के छर्रे लग गए।
उन्होंने यह भी बताया है कि उन्होंने दिल्ली पुलिस में भर्ती होने के लिए पढ़ाई की थी। लेकिन चोट के बाद उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाएं प्रभावित हुई हैं। शिकायत में साहिल ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति का भी उल्लेख किया है और इलाज का खर्च उठाने में कठिनाई की बात कही है।
अब CCTV और ड्रोन फुटेज जांच के केंद्र में
साहिल ने पुलिस से घटना से जुड़े CCTV और ड्रोन फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है। उनकी शिकायत में जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस के अंदर और बाहर, पटेल चौक, राजीव चौक, मेट्रो स्टेशन और ट्रैफिक पुलिस के CCTV फुटेज सुरक्षित कराने का अनुरोध किया गया है।
इसके साथ ही 20 जुलाई की घटना के दौरान इस्तेमाल किए गए ड्रोन की रिकॉर्डिंग को भी सुरक्षित रखने की मांग की गई है। यानी साहिल की शिकायत में सिर्फ आरोप दर्ज करने की बात नहीं है, बल्कि उन रिकॉर्डिंग्स को सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है, जिनसे घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसकी जांच में मदद मिल सकती है।
पैलेट के छर्रों को जांच में शामिल करने की मांग
साहिल ने पुलिस से अपने इलाज से जुड़े दस्तावेज और MLC रिकॉर्ड भी जुटाने की मांग की है। इनमें लेडी हार्डिंग अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल, RPC Eye Centre, AIIMS और AIIMS ट्रॉमा सेंटर के मेडिकल रिकॉर्ड शामिल हैं।
उन्होंने ऑपरेशन के दौरान उनके शरीर से निकाले गए पैलेट के छर्रों को भी सुरक्षित रखने और पुलिस जांच में शामिल करने का अनुरोध किया है।
21 अगस्त को FIR, अब जांच में कई सवाल
FIR के मुताबिक, साहिल की शिकायत 21 अगस्त 2026 को संसद मार्ग थाने में प्राप्त हुई। अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच सब-इंस्पेक्टर मोहित वर्मा को सौंपी गई है।
अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यही हैं कि 20 जुलाई को मार्च के दौरान वास्तव में क्या हुआ? साहिल को चोट किस तरह लगी? उनके शरीर में मिले छर्रे कहां से आए? मौके पर कौन-कौन से हथियार इस्तेमाल हुए? और CCTV, ड्रोन फुटेज तथा मेडिकल रिकॉर्ड इस घटना के बारे में क्या बताते हैं?
फिलहाल, यह पूरी कहानी साहिल लोचब की शिकायत और FIR में दर्ज उनके बयान व आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच में CCTV, ड्रोन फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।
