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    सैदुलाजाब हादसे में 6 मौतों के जिम्मेदार दोनों बिल्डर गिरफ्तार, पुरानी इमारत पर 3 मंजिल और चढ़ाने से धंसी नींव

    Updated: Tue, 09 Jun 2026 08:50 PM (IST)

    सैदुलाजाब हादसे में 6 लोगों की मौत के जिम्मेदार दोनों आरोपित बिल्डर मनीष खत्री और अविनाश गुप्ता को महरौली पुलिस ने वसंत कुंज से गिरफ्तार कर लिया है। ...और पढ़ें

    व्यावसायिक इमारत चार तल की थी। इसके ऊपर तीन और तल बनाए जा रहे थे, जिससे हादसा हुआ। फाइल फोटो

    व्यावसायिक इमारत चार तल की थी। इसके ऊपर तीन और तल बनाए जा रहे थे, जिससे हादसा हुआ। फाइल फोटो

    HighLights

    1. बिल्डर मनीष खत्री और अविनाश गुप्ता सैदुलाजाब हादसे में गिरफ्तार।

    2. पुरानी इमारत पर अवैध निर्माण से 6 लोगों की मौत हुई।

    3. कमजोर नींव पर तीन अतिरिक्त मंजिलें बनाने से इमारत ढही।

    जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। सैदुलाजाब हादसे में फरार चल रहे दोनों आरोपित बिल्डर को महरौली थाने की पुलिस ने मंगलवार को वसंत कुंज क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि बिल्डर मनीष खत्री और अविनाश गुप्ता इमारत पर अवैध रूप से निर्माण कार्य करा रहे थे।

    मामले में भवन स्वामी करमवीर जेलदार को पुलिस एक जून को ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। घटना में छह लोगों की मौत हुई थी, तो वहीं आठ लोग घायल हुए थे। दोनों गिरफ्तार आरोपितों को पुलिस बुधवार को साकेत कोर्ट में पेश करेगी।

    तीसरे तल का चल रहा था काम 

    जानकारी के मुताबिक व्यावसायिक इमारत चार तल की थी। इसके ऊपर तीन और तल बनाए जा रहे थे। आरोपित भवन स्वामी करमवीर को उसके कुछ परिचितों ने कमजोर हो चुकी 400 वर्ग गज में बनी 15 वर्ष पुरानी चार मंजिला इमारत को तोड़कर नए सिरे से निर्माण की सलाह दी थी। पर वह नहीं माना। बिल्डर मनीष और अविनाश को काम सौंप दिया। चार मंजिला इमारत के ऊपर दो तल बन चुके थे और तीसरे तल का काम चल रहा था।

    कमजोर नींव नहीं झेल सकी वजन

    30 मई को कमजोर नींव लोड पाकर फट गई और पूरी इमारत ढह गई। मलबा हटाने का काम अभी भी जारी है। बचाव व राहत कार्य में लगे फायर ब्रिगेड के अधिकारी के मुताबिक, मलबा हटाने के दौरान पता चला की ऊपरी मंजिल हाल-फिलहाल ही बने थे, जिन पर सीमेंट की लिपाई तक नहीं हो पायी थी।

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    खाना खा रहे लोग मलबे के नीचे गए थे दब

    गली नंबर पांच में इमारत अराइज कोचिंग और कैंटीन के बीच में थी। कैंटीन की छत का अगला हिस्सा टिन शेड था, जबकि पीछे एक कमरा पक्का था। हादसे के समय अराइज कोचिंग के साथ ही आस-पास रहने वाले कुछ छात्र खाना खा रहे थे। इमारत का मलबा इस ढाबे की छत पर जा गिरा। इससे खाना खा रहे लोग मलबे के नीचे दब गए थे।

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