दिल्ली में संजय झील पार्क बदहाल, हरियाली गायब और आपत्तिजनक गतिविधियों से सुरक्षा पर उठे सवाल
पूर्वी दिल्ली का संजय झील पार्क गंभीर अव्यवस्थाओं का शिकार है, जहां हरियाली गायब हो रही है और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। ...और पढ़ें
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संजय झील पार्क की बाउंड्री पर कई जगह गायब है ग्रील। जागरण
HighLights
संजय झील पार्क में हरियाली और रखरखाव की कमी।
असामाजिक तत्वों के कारण पार्क में सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं।
विधायक ने पार्क को पिकनिक स्पॉट बनाने का वादा किया।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में यमुनापार की प्राकृतिक धरोहर माने जाने वाला त्रिलोकपुरी स्थित संजय झील पार्क इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं का शिकार है। लापरवाही के चलते न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता खत्म होती जा रही है, बल्कि यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पार्क में हरियाली तेजी से गायब हो रही है। पेड़-पौधों की उचित देखरेख न होने से कई पेड़ सूख गए हैं, जबकि कुछ बेजान अवस्था में खड़े हैं। नियमित सिंचाई और रखरखाव की कमी के कारण पार्क की जमीन से हरियाली लगभग खत्म हो गई है। इसके चलते यहां धूल उड़ती रहती है, जो आने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इससे पार्क की पहचान भी प्रभावित हो रही है।
महिलाएं और बच्चे पार्क में जाने से बचने लगे
शाम ढलते ही पार्क में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। टूटी चाहरदीवारी, अंधेरे और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर यहां आपत्तिजनक गतिविधियां की जाती हैं। इससे आसपास के लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। खासकर महिलाएं और बच्चे पार्क में जाने से बचने लगे हैं।

स्थानीय निवासी मिथिलेश का कहना है कि पार्क की देखरेख की जिम्मेदारी डीडीए के पास है, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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पार्क में हरियाली को पुनर्जीवित किया जाए
लोगों ने मांग की है कि पार्क में हरियाली को पुनर्जीवित किया जाए, नियमित सफाई कराई जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और गश्त बढ़ाने की भी जरूरत बताई गई है, ताकि यह पार्क एक बार फिर सुरक्षित और आकर्षक बन सके।
स्थानीय विधायक रविकांत ने बताया कि जल्द ही पार्क को बेहतर बनाया जाएगा। विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं, यह पार्क आने वाले समय में पूरी तरह से पिकनिक स्पाट बनेगा।
पर्यावरण संरक्षण और शहर की सुंदरता दोनों का होगा लाभ
शहरी क्षेत्रों में पार्क और हरित स्थल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये न केवल वायु को शुद्ध करते हैं, बल्कि तापमान को नियंत्रित करने में भी सहायक होते हैं। झील जैसे जल स्रोत भूजल स्तर को बनाए रखने और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ऐसे प्राकृतिक स्थलों की अनदेखी जारी रही, तो इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य और शहर के पर्यावरण पर पड़ेगा। इसलिए इनका संरक्षण और बेहतर रखरखाव बेहद जरूरी है।