घर में चल रही थी इकलौते बेटे के जन्मदिन की तैयारी, अब पसरा मातम; थार की टक्कर से हुई थी मौत
सार्थक मट्टू की 34वें जन्मदिन से एक दिन पहले दिल्ली में थार की टक्कर से मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम छा गया। उनके पिता ने न्याय की गुहार लगाते हुए ...और पढ़ें
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थार की टक्कर से जान गंवाने वाले सार्थक मट्टू का शनिवार को ही जन्मदिन था। (AI Generated Image)
HighLights
सार्थक मट्टू की 34वें जन्मदिन से पहले थार से टक्कर में मौत।
पिता ने दोषियों के लिए न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिवार कश्मीर से विस्थापित होकर दिल्ली आया था।
मुहम्मद रईस, दक्षिणी दिल्ली। थार की टक्कर से जान गंवाने वाले सार्थक मट्टू का शनिवार को ही जन्मदिन था। वह 34 साल के होने वाले थे। अपने जन्मदिन के लिए वह एक माह का टूर करने के बाद 24 जून को ही गुरुग्राम स्थित अपने घर लौटे थे। पर अगले ही दिन सुबह 6.30 बजे बाइक पर कंपनी के काम से नोएडा जाते समय सडक़ हादसे में उनकी मौत हो गई।
हादसे के बाद सार्थक के माता पिता का रो रोकर बुरा हाल है। जिस घर में बेटे के जन्मदिन की खुशियां मनाने की तैयारी थी, वहां अब मातम पसरा है। सार्थक अपने माता-पिता के साथ डीएलएफ फेस-4 स्थित रिजवुड एस्टेट में रहते थे। वे एक इवेंट कंपनी में कार्यरत थे।
सार्थक के पिता सुरेंद्र मट्टू ने बताया कि उनका परिवार 1999 में जान बचाकर कश्मीर से भागकर दिल्ली आया था। सार्थक उनका इकलौता बेटा था। वह हमेशा हेलमेट पहनता था। क्योंकि उन्होंने बेटे को अपनी कसम दी थी कि बिना हेलमेट बाइक नहीं चलानी है।
उसकी मां दुख से टूट चुकी है और बेजान हो गई
उन्होंने हेलमेट पर पड़े खरोचों के निशान दिखाते हुए बताया कि हादसे के समय भी वह हेलमेट पहना हुआ था। उन्होंने कहा देखिए यह कितना मजबूत है। उसकी मां दुख से टूट चुकी है और बेजान हो गई है। थार वालों ने मेरे बेटे को सड़क पर ही पड़ा छोड़ दिया। कम से कम वे उसे अस्पताल तो ले जा सकते थे।
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हमें पता चला कि गाड़ी में दो लोग थे। मुझे न्याय चाहिए... मैं पुलिस कमिश्नर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी से अपील करना चाहता हूं, प्लीज हमारी मदद करें। हमारी बात सुनने वाला कोई नहीं है। हम टैक्स देने वाले नागरिक हैं। पुलिस कमिश्नर सर, 50 घंटे बाद आपके पुलिसकर्मियों ने आरोपित का अल्कोहल जांच के लिए ब्लड सैंपल लिया।
क्या उसके खून में अब शराब का निशान मिल सकता है। मेरे इकलौते बेटे का आज जन्मदिन है। मेरे बेटे के कातिलों को फांसी दीजिए। उन्हें जेल में डालिए। वे कातिल हैं। यह सिर्फ एक टक्कर या हादसा नहीं है। यह हिट-एंड-रन है। मुझे मुआवजा नहीं इंसाफ चाहिए।
थार गाड़ी से कब-कब हुए हादसे:
-5 मई 2025: वसंत कुंज इलाके में थार चालक ने हार्न की आवाज सुनकर रास्ता न छोड़ने पर पैदल जा रहे सिक्योरिटी गार्ड को टक्कर मारी।
-10 अगस्त 2025: चाणक्यपुरी इलाके में थार चालक ने दो युवकों को कुचला, एक की मौत पर ही मौत।
-16 अगस्त मई 2025: मोती नगर इलाके में सडक़ किनारे बाइक खड़ी कर बैठे बेचू लाल (40) को तेज रफ्तार थार से कुचला, अस्पताल ले जाने पर मौत।
-9 अक्टूबर 2025: द्वारका सेक्टर-9 में थार की टक्कर से बाइक सवार निजी कंपनी कर्मचारी आशीष (40) की मौत।
-17 अक्टूबर 2025: वसंत कुंज नार्थ इलाके में इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप सी-8 के समीप साइकिल सवार 13 वर्षीय बच्चे को थार चालक ने कुचला, मौत।