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दिल्ली में लगातार गिर रहीं इमारतें, सत्य निकेतन में चार साल में दूसरी घटना; जानें कब-कब हुए हादसे

Published: Sun, 06 Sep 2026 03:49 PM (IST)Updated: Sun, 06 Sep 2026 06:37 PM (IST)

सत्य निकेतन में रविवार को एक और इमारत ढह गई, जिसमें कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, यह ...और पढ़ें

सत्य निकेतन में फिर ढही इमारत, एमसीडी की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल।

सत्य निकेतन में फिर ढही इमारत, एमसीडी की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल।

HighLights

  1. सत्य निकेतन में चार साल में दूसरी बार इमारत गिरी।

  2. हादसे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका, बचाव कार्य जारी।

  3. विशेषज्ञों ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही को बताया कारण।

स्वदेश कुमार, नई दिल्ली। सत्य निकेतन में रविवार को फिर एक बिल्डिंग गिर गई। इसमें कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। पिछले चार साल में इस इलाके में यह दूसरी घटना है। इससे पहले 25 अप्रैल 2022 को एक पुरानी तीन मंजिला इमारत में अवैध मरम्मत कार्य के दौरान हादसा हुआ। इसमें दो मजदूरों की मौत हो गई थी।

नगर निगम के नोटिस के बावजूद काम नहीं रोका गया था। इस मामले में जांच हुई लेकिन किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिर से सत्य निकेतन में ही यही हादसा सामने आ गया। करीब 80 गज के प्लॉट पर भूतल के साथ चार मंजिला मकान था। इसमें हर फ्लोर पर पांच कमरे थे। इस तरह से यहां करीब 25 कमरे थे। इसका प्रयोग पीजी के तौर पर हो रहा था।

सूचना मिलते ही राहत व बचाव के लिए पुलिस, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स मौके पर पहुंच गए। बचाव कार्य में बाधा न आए, इसके लिए आसपास की जगह खाली करा दी गई। हाथों से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया ताकि मलबे में फंसे लोगों को सकुशल निकाला जा सके। लेकिन हादसे ने सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर जब तीन महीने पहले ही दक्षिणी दिल्ली में इसी तरह की घटना सामने आ चुकी है।

सैदुलाबाज के हादसे में छह लोगों की मौत

सैदुलाजाब में पांच मंजिला मकान ढहने से छह लोगों की मौत हो गई थी। कई लोग जख्मी हुए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी में इमारतों का गिरना महज हादसा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। अवैध निर्माण, तय मानकों की अनदेखी और एमसीडी की ढिलाई की कीमत हर बार मासूम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।

सर्वे कागजों तक सिमटा

हर हादसे के बाद एक तय ढर्रा देखने को मिलता है। अधिकारियों का निलंबन, जांच कमेटी का गठन और मुआवजा। लेकिन हकीकत यह है कि पुरानी और जर्जर इमारतों का सर्वे केवल कागजों तक सीमित रहता है। जब तक अवैध बेसमेंट और अतिक्रमण कर निर्माण पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, इस तरह की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगेगा।

दिल्ली में हुईं प्रमुख घटनाएं

  • 30 मई 2026 : दक्षिणी दिल्ली के सैदुलाजाब इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरी, छह मौत, आठ घायल
  • 10 अगस्त 2025 : निजामुद्दीन में हुमायूं मकबरे के पास दरगाह में छत गिरी, तीन महिला समेत छह लोगों की मौत
  • 9 अगस्त 2025 : जैतपुर में दीवार गिरने से दो बच्चियों समेत सात की मौत
  • 29 जुलाई 2025 : सिविल लाइंस में दीवार ढहने से मां-बेटे की मौत
  • 11 जुलाई 2025 : मेट्रो की खोदाई की वजह से एक इमारत गिर गई. जिसमें एक मौत हो गई
  • 19 अप्रैल 2025 : दयालपुर के शक्ति नगर इमारत गिरने से में 11 मरे, 11 घायल
  • 11 अप्रैल 2025 : तेज आंधी के चलते पूर्वी दिल्ली के चंद्र विहार में निर्माणधीन इमारत से ईंटें गिरी एक की मौत, जबकि दो घायल
  • 28 जनवरी 2025 : बुराड़ी में सैनिक एन्क्लेव अवैध निर्माण करके बनाई जा रही पांच मंजिला इमारत गिरी, पांच लोगों की मौत
  • 8 अगस्त 2024 : किराड़ी के प्रेम नगर में छज्जा गिरा, दंपती मरे
  • 3 अगस्त 2024: जहांगीरपुरी में तीन मंजिला इमारत गिरी, तीन लोग मरे
  • 24 अगस्त 2023: ओखला में निर्माणधीन बेसमेंट गिरी, दो लोगों की मौत
  • 8 अक्टूबर 2022 : फराश खाना में इमारत गिरी, चार की मौत
  • 9 सितंबर 2022 : आजाद मार्केट में निर्माणधीन इमारत गिरी, तीन की मौत
  • 24 जुलाई 2022 : मुस्तफाबाद में इमारत गिरी, एक मौत, छह घायल
  • 25 अप्रैल 2022 : दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरी, दो की मौत

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