सत्य निकेतन हादसा: युवराज से फोन पर हो रही थी आखिरी बात, अचानक ही छूट गया जिंदगी का साथ
सत्यनिकेतन में इमारत गिरने से युवराज सोनी की मौत हो गई, जो अपने दोस्त आर्यन से फोन पर बात कर ...और पढ़ें

सत्य निकेतन हादसे में फोन पर बात करते ही छूट गया युवराज का साथ।
HighLights
दोस्त से फोन पर बात करते समय हुआ हादसा।
युवराज सोनी की इमारत गिरने से हुई मौत।
आर्यन परिवार को खबर देने में असमर्थ।
मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। 'हेलो... आज मौसम अच्छा है, कहीं घूमने का प्लान बनाएं?' आर्यन ने अपने दोस्त युवराज से फोन पर कहा। दूसरी तरफ से भी हां में जवाब मिला। दोनों दोस्तों के बीच घूमने की योजना और रोजमर्रा की बातें चल ही रही थीं कि अचानक फोन पर तेज आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी भयावह थी कि आर्यन को लगा जैसे भूकंप आ गया हो।
आर्यन ने घबराकर फोन पर पूछा, हेलो... हेलो... तू ठीक है? लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। वह बार-बार युवराज को आवाज देता रहा, मगर फोन पर गड़गड़ाहट की आवाज आती रही और करीब एक मिनट बाद काल कट गई। आर्यन ने दोबारा फोन मिलाया, लेकिन युवराज ने काल नहीं उठाई। उसे उम्मीद थी कि शायद कुछ देर बाद दोस्त वापस फोन करेगा। वह लगातार काल का इंतजार करता रहा, लेकिन युवराज की कोई काल नहीं आई।
कुछ देर बाद आर्यन को पता चला कि जिस इमारत में युवराज रहता था, वह भरभराकर गिर गई है। यह सुनते ही उसके होश उड़ गए। वह बिना देर किए घटनास्थल पर पहुंच गया। वहां मलबे के बीच राहत और बचाव अभियान चल रहा था। आर्यन हर आने-जाने वाले से युवराज के बारे में पूछता रहा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
खामोशी उसके जेहन में बार-बार गूंज रही: आर्यन
बाद में उसे पता चला कि हादसे में घायल लोगों को एम्स ट्रामा सेंटर ले जाया गया है। वह तुरंत अस्पताल पहुंचा और घंटों युवराज के बारे में जानकारी जुटाता रहा और आखिरकार पता चला कि कुछ घंटे पहले जिससे वह घूमने चलने की बात कर रहा था, उसकी हादसे में मौत हो गई है। आर्यन की आंखों से आंसू उसके हालात को बयां कर रहे थे। उसने भावुक होते हुए बताया कि फोन की वह आखिरी कॉल और उसमें अचानक छाई खामोशी उसके जेहन में बार-बार गूंज रही है।
कुछ दिन पहले ही घर से लौटा था युवराज
युवराज सोनी मूलरूप से छत्तीसगढ़ के दुर्ग का रहने वाला था और दिल्ली के मोतीलाल नेहरू कालेज में बीकाम द्वितीय वर्ष का छात्र था। आर्यन ने बताया कि चूंकि कालेज की छुट्टियां चल रही थीं तो वह बीते माह अपने घर चला गया था और तीन दिन पहले ही वापस लौटा था। आर्यन ने बताया कि वह लाजपत नगर में पीजी में रहता है और दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और बचपन से ही दोस्त थे। दोनों अकसर दिल्ली में छुट्टी वाले दिन मिलते थे।
परिवार को मौत की खबर देने की जुटा रहा हिम्मत
दोस्त युवराज को खोने के गम में डूबा आर्यन अब उसके परिवार को मौत की खबर देने की हिम्मत जुटा रहा है। आर्यन ने बताया कि युवराज के स्वजन लगातार उसे फोन कर उसकी कुशलता पूछ रहे हैं। उन्हें क्या जवाब दे, यह सोचकर वह खुद को संभाल नहीं पा रहा। जिस बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए परिवार ने उसे दिल्ली भेजा था, उसके अब दुनिया में न रहने की बात बताना उसके लिए बेहद मुश्किल है।
